जिला योजना में सदस्यों के प्रस्ताव शामिल न करने पर हंगामा
बिजनौर। जिला पंचायत बोर्ड बैठक में जिला योजना में जिला पंचायत के सदस्यों के काम शामिल न करने पर सदस्य भड़क उठे। उन्होंने जमकर हंगामा किया एवं जिला योजना का अनुमोदन नहीं होने दिया। बाद में सशर्त अनुमोदन किया गया।
विकास भवन के सभागार में हुई जिला पंचायत की बैठक में 2020-21 का बजट पास किया गया। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का अनुमोदन के लिए प्रस्ताव जब बैठक में रखा गया तो राम नारायण समेत कई सदस्यों ने इसका विरोध किया और हंगामा करना शुरू कर दिया। सदस्यों ने कहा कि हर साल यह कहकर जिला योजना का अनुमोदन पास करा लिया जाता है कि जिला पंचायत के सदस्यों के काम भी इसमें रखे जाएंगे पर कभी नहीं रखे जाते। हर बार सदस्यों को केवल आश्वासन दिया जाता है। जब तक सदस्यों के कार्य जिला योजना में नहीं रखे जाएंगे वह अनुमोदन नहीं होने देंगे। बाद में जिला पंचायत अध्यक्ष के आश्वासन पर उन्होंने सशर्त अनुमोदन कर दिया। जिला पंचायत सदस्य योगेंद्र ने बिजली की समस्या का मुद्दा उठाया। राजेंद्र सिंह ने कहा कि चांदपुर क्षेत्र में जो गोशाला बनी हैं उनमे पशुओं के लिए चारा तक नहीं है। पशु भूखे प्यासे रहते हैं। सीडीओ केपी सिंह ने इस मामले में जांच कराने को कहा। मोनिका देवी पत्नी वीर सिंह ने क्षेत्र के जंगलों में अवैध कटान होने का मुद्दा उठाया। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी ने विद्युत निगम के अफसरों से शिकायत की कि जीतपुरा क्षेत्र के एसडीओ का व्यवहार अच्छा नहीं है। वह हर किसी के साथ बदसलूकी करते हैं। प्रोटोकाल के तहत उन्हें बात करनी चाहिए। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी, सीडीओ केपी सिंह, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी श्याम बहादुर शर्मा, परियोजना अधिकारी विजय श्रीवास्तव, जिला पंचायत के अभियंता कपिल देव, विद्युत निगम, वन विभाग समेत तमाम विभागों के अधिकारी एवं सांसद मलूक नागर के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बिजनौर में विकास भवन में जिला पंचायत बोर्ड की बैठक को संबोधित करते अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी।- फोटो : BIJNOR