जहूर अहमद के परिजन रविवार रात कार से दिल्ली जा रहे थे। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर गढ़मुक्तेश्वर-हापुड़ के बीच विपरीत दिशा से आ रही कार की उनकी कार से आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। कार में सवार तीन भाइयों अबरार, अफजाल और सरफराज पुत्रगण जहूर अहमद की मौत हो गई। इनका चौथा भाई इस्तखार, भतीजा जुनैद व चालक शहजाद गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतकों ने अपने पीछे पत्नी व तीन-तीन बच्चों को रोते बिलखते छोड़ा है। मानियावाला निवासी मृतकों के चचेरे भाई फुरकान ने बताया कि वे तीनों जसपुर से रविवार की सुबह नौ बजे गांव आए थे। नाश्ता करने के बाद कालागढ़ घूमने चले गए थे। वहां से गांव लौटे तथा शाम करीब साढ़े पांच बजे स्कॉर्पियो से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
उन्होंने बताया कि करीब 30 वर्ष पहले उनके चाचा जहूर परिवार सहित दिल्ली चले गए थे। उनका परिवार वहीं पर कारोबार करता है, लेकिन साल में एक या दो बार वह रिश्तेदार तथा परिचितों से मिलने के लिए गांव आते रहते थे। गांव मानियावाला में मातम पसर गया है।
ये है मामला
दिल्ली के मुस्तफाबाद से कुछ युवक रविवार को स्कॉर्पियो कार से बिजनौर में एक बरात में आ रहे थे। गढ़ क्षेत्र में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर अचानक एक पशु कार के सामने आ गया। ड्राइवर स्कॉर्पियो से नियंत्रण खो बैठा। स्कॉर्पियो पशु से टकराई और फिर डिवाइडर पार करते हुए दूसरी लेन में चली गई। संभल की ओर से हापुड़ आ रही अर्टिगा कार से आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में अबरार, अफजाल, सरफराज की मौत हो गई, जबकि दोनों वाहन चकनाचूर हो गए। इस्तखार, अफरार, शाहबाज, जुबैर, सरताज सहित कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को मेरठ रेफर किया गया है।
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