इस मामले में पूर्व विधायक को भी आरोपी बनाया था। दोनों मामलों में पूर्व विधायक जेल में बंद थे। जीएसटी वाले मामले में उन्हें जमानत मिल गई थी। धोखाधड़ी वाले मामले में उन्हें जमानत नहीं मिली थी।
इसी बीच 25 मार्च की रात में जेल में उसने मोबाइल बरामद किया गया। जेलर राजेश कुमार ने नई मंडी कोतवाली में धमकी व अभद्रता, मोबाइल बरामद होने का मुकदमा पूर्व विधायक के खिलाफ दर्ज कराया था। इसके बाद पूर्व विधायक को चित्रकूट जेल भेज दिया गया।
बिजनौर के पूर्व विधायक के नौकर के नाम से जारी है सिम
पुलिस की जांच में चौकाने वाली बात सामने आई, जो मोबाइल पूर्व विधायक से मिला था, उसमें बिजनौर के पूर्व विधायक और शाहनवाज राना के समधि मोहम्मद गाजी के नौकर शेरकोट निवासी आमिर के नाम था।
आमिर ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसने यह सिम पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी को दिया था। उसे जमानत पर छोड़ने के बाद अब पूर्व विधायक को पुलिस ने नोटिस भेजकर तलब किया है। पुलिस का कहना है कि पूर्व विधायक शाहनवाज को मोबाइल पेशी के दौरान दिया गया था।