चंद्रशेखर ने कहा कि सतगुरु रविदास महाराज जी से प्रार्थना करूंगा कि ओमकुमार को सद्बुद्धि मिले। ओमकुमार विधायक हैं उनको जनता के लिए काम करना चाहिए। मैंने संसद में पहले ही दिन नगीना लोकसभा के कई मुद्दे उठाए। नगीना में सरकार ने कुछ नहीं किया। नगीना में उद्योग नहीं, एम्स नहीं, बड़ा अस्पताल नहीं, काॅलेज नहीं है, यूनिवर्सिटी नहीं है।
बिजनौर में बाढ़ की बड़ी समस्या है। हर साल बाढ़ के नाम पर करोड़ों रुपया नेता और अफसर खा जाते हैं। बाढ़ का पैसा नेता और अफसर के नाम पर फाइलों तक ही सीमित रहता है। अब यहां का सांसद ऐसा नहीं जो कमीशन खायेगा, यहां का सांसद ऐसा है कि अब जो अफसर काम नहीं करेगा वह नहीं रहेगा, काम करना पड़ेगा।
उधर, कुछ दिन पहले नमाज और कांवड़ को लेकर चंद्रशेखर ने बयान दिया था कि कांवड़ पर दुकानें बीस दिनों तक बंद रह रह सकती हैं तो ईद पर 20 मिनट के लिए सड़क पर नमाज भी हो सकती है। उसी पर ओमकुमार ने पलटवार करते हुए कहा था कि चंद्रशेखर को मुसलमानों से हमदर्दी है तो अपने घर में नमाज पढ़वाएं।
आज इसका जवाब देते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि मैं अपने घर नमाज पढ़वा लूंगा। उनका दिल छोटा है, हमारा दिल छोटा नहीं है। किसी के धर्म की इज्जत करना कोई गलत नहीं है। कांवड़ की व्यवस्था को लेकर चंद्रशेखर ने कहा कि कावड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था सही से होनी चाहिए, हाथरस जैसी नहीं होनी चाहिए।