यूक्रेन में फंसा बिजनौर के शेरकोट निवासी छात्र आतिफ बुधवार को सकुशल अपने घर पहुंच गया। उसे देखते ही परिजन भावुक हो गए। आंखें भर आईं और परिवार ने उसे सीने से लगा लिया। आतिफ की सुरक्षित घर वापसी पर परिवार ने भारत सरकार का बार-बार धन्यवाद किया। तीन और अन्य छात्रों के बुधवार को देर रात तक पहुंचने की उम्मीद जताई गई है। ये तीनों छात्र भी दिल्ली पहुंच गए हैं।
मोहल्ला मनिहारान शेरकोट निवासी आतिफ पुत्र इकरार अहमद दिसंबर को यूक्रेन के ईवानो शहर की इवानो फ्रैंकिस्त नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस करने गया था। यूक्रेन से अपने वतन सुरक्षित आने के बाद आतिफ ने बताया कि वह यूनिवर्सिटी की इमारत में पांचवीं मंजिल पर रहता था। वहां से तीन किलोमीटर दूरी पर रूस द्वारा पहला हमला किया गया। लगभग सात किलोमीटर की दूरी पर डोमेस्टिक एयरपोर्ट पर 24 फरवरी को दूसरा हमला हुआ। तीसरा हमला उनके बहुत ही नजदीक हुआ। उस समय सुबह के 8:30 बजे थे। यूनिवर्सिटी के पास में ही बंकर की व्यवस्था थी। सभी को बोला गया कि आप सभी बंकर में चले जाएं।
26 फरवरी को वह किसी तरह से 20 किलोमीटर पैदल चलकर रोमानिया बॉर्डर पहुंचा। जहां पर अधिक भीड़ बढ़ने पर वहां के सैनिकों ने व्यवस्था बनाने व भीड़ नियंत्रित करने को पांच राउंड फायर किए। एंबेसी ने वहां बॉर्डर पर बने कैंप में सारी सुविधाएं उपलब्ध कराईं। वहां से रात की फ्लाइट से एयर इंडिया स्टार एयरलाइन द्वारा मिशन गंगा के अंतर्गत भारतीय सरकार ने सभी को फ्री सुविधा देकर स्वदेश बुलाया।
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