बिजनौर। जीएसटी लागू होने के बाद बड़ी तादाद में बिजनौर के व्यापारियों ने बकाया वैट जमा नहीं किया। इस पर जीएसटी विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जीएसटी विभाग ने 2189 खाते सीज करते हुए करीब पांच करोड़ रुपये का बकाया वैट भी जमा कराया है। अभी विभागीय कार्रवाई जारी है।
जिले में इस समय 30,673 व्यापारी जीएसटी विभाग में पंजीकृत हैं। इनमें से 5480 व्यापारी ऐसे हैं, जिन पर एक जुलाई 2017 से पहले का 89 करोड़ 41 लाख रुपये वैट बकाया है। जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों ने वैट जमा करने में कोई रूचि नहीं दिखाई। जिसके बाद अब वैट जमा कराने के लिए जीएसटी विभाग सक्रिय हुआ है। विभाग ने सभी को वसूली के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं। साथ ही बकाया वैट जमा नहीं करने वाले व्यापारियों की चल अचल संपत्ति की जानकारी तहसील, नगरपालिका, बैंक, एआरटीओ से मांगी जा रही है। जानकारी मिलने के बाद उनकी कुर्की और सीज कराने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही व्यापारियों से मानक के अनुरूप जीएसटी जमा करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
बैंकों से मिले 477 खातों से 12 लाख रुपये वैट कराया जमा : जीएसटी विभाग में व्यापारी का केवल एक खाता ही है। लेकिन उन्होंने अलग-अलग बैंकों में कई खाते चला रखे हैं। अब जिले में 29 बैंकों को पत्र लिखा है। विभाग ने व्यापारियों के पैन नंबर भेजकर बैंकों से संबंधित खातों की जानकारी मांगी गई। जिसके बाद बैंकों ने 477 खातों की सूची जीएसटी विभाग को दी। विभाग ने कार्रवाई कर इन खातों को सीज करते हुए 12 लाख रुपये बकाया वैट जमा कराया।
नजीबाबाद में सर्वाधिक वैट बकाया : जीएसटी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले के व्यापारियों पर 89 करोड़ 41 लाख रुपये वैट बकाया है। इनमें से सर्वाधिक वैट 44 करोड़ 50 लाख नजीबाबाद खंड में है। इसके अलावा बिजनौर खंड में 20 करोड़, चांदपुर खंड में 16 करोड़, धामपुर खंड में नौ करोड़ रुपये वैट बकाया है।