बिजनौर में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, आस बंधा गए सीएम योगी
बिजनौर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बिजनौर दौरे और मेडिकल कॉलेज को महात्मा विदुर का नाम देने, विदुरकुटी पर चल रहे प्राच्य विद्या अध्ययन केंद्र का जिक्र करने के बाद जिलेवासियों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि अब जिले की अन्य पौराणिक, ऐतिहासिक जगहों के विकास के प्रस्तावों पर भी शासन की मुहर लग सकती है। सबकुछ ठीक रहा तो बिजनौर को पर्यटन का गेट वे बनाने का सपना कुछ सालों में पूरा हो सकता है।
बिजनौर जिला ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, वन्यजीव बाहुल्य विरासतों से बेहद समृद्ध है, लेकिन अभी तक उपेक्षा के चलते कहीं इनका जिक्र नहीं होता। बात महाभारत काल की करें या फिर बीती एक शताब्दी की या अमानगढ़ जैसी वन्य जीव बाहुल्य वन रेंज की, सभी जगहों पर पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। चार माह पहले प्रशासन स्तर से बिजनौर की इन विरासतों को एक मानचित्र पर लाने का प्रयास शुरू हुआ। भले ही शुरूआत में अधिकांश लोग इस प्रयास को कागजी मानकर चल रहे थे, लेकिन सीएम द्वारा बिजनौर जिले में काफी दिनों से आने की इच्छा जताने और यहां दौरे में मेडिकल कॉलेज को महात्मा विदुर का नाम देने, विदुरकुटी का जिक्र करने के बाद इन प्रोजेक्ट के पूरा होने की उम्मीद जग गई है। विशेषज्ञ कहते हैं कि यदि ऐसा हुआ तो जिले में रोजगार के अपार अवसर पैदा होंगे।
वहीं, बिजनौर को देश और दुनिया में नई पहचान मिल जाएगी। डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि पहले चरण में विदुरकुटी पर काम चल रहा है। वहां काफी विकास जनसहयोग के माध्यम से कराया जा चुका है। इसके बाद अन्य जगहों पर काम शुरू कराया जाएगा। कुछ प्रस्ताव तैयार कर शासन को भी भेजे जाएंगे। सभी महत्वपूर्ण विरासतों के लिए एक अलग वेबसाइट बनाने के निर्देश दिए हैं। दूसरे चरण में यहां संबंधित विभाग से प्रोजेक्ट मांगे गए हैं।
इन जगहों को विकसित करने की उम्मीद
- बिजनौर गंगा बैराज में वाटर गेम, पिकनिक स्पॉट, पक्षी विहार के रूप में विकसित किया जा सकता है।
- विदुरकुटी पर काम चल रहा है। इसके विकास के लिए और बेहतर प्रोजेक्ट बन सकते हैं।
- कण्व ऋषि आश्रम को विकसित कर इसे विदुरकुटी से जोड़ा जा सकता है। यहां के लिए भी जल्द प्रोजेक्ट तैयार होने की उम्मीद है।
- नजीबुद्दौला और सुल्ताना डाकू का किला, इसे पर्यटकों के घूमने के लिए बेहतर किया जा सकता है।
- मोरध्वज किला भी अपने आप में पौराणिक गाथाएं समेटे हुए हैं, इसे भी विकसित किया जा सकता है, इसकी खुदाई में मिले अवशेषों के लिए संग्रहालय की उम्मीद है।
- अमानगढ़ टूरिज्म जोन घोषित हो चुका है, अब आसपास का आबादी क्षेत्र विकसित हो जाएगा। इसके लिए बड़े प्रोजेक्ट मिलने की उम्मीद है।