कुछ दिन पूर्व आपसी संघर्ष में यह बाघ घायल हो गया था, रेस्क्यू सेंटर में चल रहा था उपचार
राष्ट्रीय व्याघ्र प्राधिकरण के दिशा निर्देशों के अनुसार किया गया शव का अंतिम संस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़ (बिजनौर)। कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ उपखंड के ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में उपचार के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव से बाघ की मृत्यु हो गई। कुछ दिन पूर्व आपसी संघर्ष में यह बाघ घायल हो गया था। राष्ट्रीय व्याघ्र प्राधिकरण के दिशा निर्देशों के अनुसार बाघ के शव का अंतिम संस्कार जलाकर किया गया।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला के जंगलों में आपसी संघर्ष में एक बाघ घायल हो गया था। इसका उपचार रेस्क्यू सेंटर में किया जा रहा था। बाघ ने दो दिन पहले दम तोड़ दिया। उपनिदेशक दिगन्थ नायक के अनुसार अत्यधिक रक्त स्राव के कारण शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। बाघ की आयु छह से सात वर्ष थी।
बाघ के शव का विच्छेदन कार्बेट टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सा अधिकारी डा. दुष्यंत शर्मा, पंतनगर विश्वविद्यालय के सर्जरी रेडियोलॉजी विभाग के डा. मंजू कांडपाल, इज्जत नगर बरेली के भारतीय वन्यजीव अनुसंधान संस्थान के डा. एम कारीकलन, नैनीताल चिड़ियाघर के डा. हिमांशु पांगती, हल्द्वानी राहुल सती व डा. आयुष उनियाल के पैनल ने किया।
विच्छेदन के बाद डीएनए जांच के लिए विसरा फॉरेंसिक लैब को भेजा गया है। राष्ट्रीय व्याघ्र प्राधिकरण के दिशा निर्देशों के अनुसार बाघ के शव का अंतिम संस्कार जलाकर किया गया। इस दौरान उपनिदेशक दिगन्थ नायक, कालागढ़ की उप प्रभागीय वन अधिकारी डा. शालिनी जोशी, वन क्षेत्र अधिकारी भानु प्रकाश हर्बोला व एनजीओ के सदस्य आदि मौजूद रहे।