तीन आंगनबाड़ी और 13 सहायिकाएं सेवानिवृत्त
धामपुर। समन्वित बाल विकास विभाग ने शासनादेशों के तहत 62 साल की आयु पार करने के बाद धामपुर परियोजना की तीन केंद्रों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और 13 सहायिकाओं को सेवानिवृत्त कर दिया है। सरकार के आदेश पर विभाग की ओर से पहली बार हुआ है। इससे पहले आंगनबाड़ी विभाग की कार्यकर्ताओं को सेवानिवृत्त करने का प्रावधान नहीं था।
धामपुर ब्लॉक की 97 ग्राम सभाओं में करीब 305 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें से तीन आंगनबाड़ी केंद्र हाफिजाबाद, ज्योतिहिम्मा और बमनौली की कार्यकर्ताओं को 62 साल की आयु पार करने पर सेवानिवृत्त कर दिया गया है। नीदंडू, भूतपुरी, सलावा, मुकुरपुरी, कनखेड़ी, रायपुर मलूक, बसेड़ा नारायण, बसेड़ा खेमचंद, सादुल्लखानपुर, सुहागपुर, उमरपुर बांगर और मीमला की 13 सहायिकाएं रिटायर्ड हुई हैं। सरकार की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 55 सौ रुपये और सहायिकाओं को 2750 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। 31 जुलाई 2010 से विभाग ने रिटायर्ड हुई इन कर्मचारियों का मानदेय भी रोक दिया है। विभाग के प्रभारी सीडीपीओ हेमलता सैनी ने बताया कि विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बड़ी भूमिका है, लेकिन सरकार की ओर से रिटायर्ड होने के बाद उनके भरण पोषण के लिए पेंशन आदि की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
11 पदों के सापेक्ष केवल एक ही सुपरवाइजर
बड़ी बात यह है कि ब्लॉक में परियोजना पर करीब 11 सुपरवाइजरों की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन इसके विपरीत यहां पर केवल एक ही सुपरवाइजर है। वरिष्ठ सुपरवाइजर हेमलता सैनी को यहां का प्रभारी सीडीपीओ बना रखा है। यह पद पिछले चार साल से रिक्त है।
मार्च से बंद पड़े हैं केंद्र
सीडीपीओ का कहना है कि कोरोना काल में सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद हैं, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों और प्रधान की देखरेख में घर-घर जाकर के लाभार्थियों को पोषाहार का वितरण कर रही हैं।