इस बार रक्षाबंधन पर नहीं रहेगा भद्रा का साया
बिजनौर। इस बार रक्षाबंधन पर शोभन योग बन रहा है और भद्रा का साया नहीं रहेगा। पंडितों के अनुसार भद्राकाल 22 अगस्त की सुबह 06:17 बजे समाप्त हो जाएगा। इसके बाद बहनें शाम 05:32 बजे तक अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध सकती हैं।
श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार 22 अगस्त को मनाया जाएगा। धार्मिक संस्थान विष्णुलोक के ज्योतिषविद पंडित ललित शर्मा के अनुसार इस बार रक्षाबंधन पर शोभन योग सुबह 10:32 बजे तक रहेगा। यह योग मांगलिक कार्यों के लिए बहुत शुभ माना जाता है।
डबराल ज्योतिष सदन के प्रभारी पंडित प्रभुदत्त डबराल ने बताया कि रक्षाबंधन का त्योहार श्रवण नक्षत्र में मनाया जाता है, लेकिन इस बार यह सावन पूर्णिमा पर धनिष्ठा नक्षत्र के साथ मनाया जाएगा। शोभन योग भी इस त्योहार को खास बना रहा है। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन पर ग्रहों का ऐसा दुर्लभ संयोग 474 साल बाद बन रहा है। इससे पहले 11 अगस्त 1547 को ग्रहों की ऐसी स्थिति बनी थी। जब धनिष्ठा नक्षत्र में रक्षाबंधन मनाया गया था और सूर्य, मंगल और बुध एक साथ ऐसी स्थिति में आए थे।
ये रहेगा राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
-पंडितों के अनुसार रक्षाबंधन पर इस बार राखी बांधने के लिए 12 घंटे 13 मिनट की शुभ अवधि रहेगी। सुबह 05:50 से लेकर शाम 06:03 तक किसी भी समय रक्षाबंधन मना सकते हैं। वहीं, भद्रा काल 23 अगस्त को सुबह 05:34 बजे 06:12 मिनट तक रहेगा। इस दिन शोभन योग सुबह 10:34 बजे तक रहेगा और धनिष्ठा नक्षत्र शाम 07:40 बजे तक रहेगा।