नजीबाबाद में महिला काव्य मंच की ऑन लाइन कवि गोष्ठी में भाग लेतीं महिलाएं।
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नजीबाबाद। महिला काव्य मंच जिला बिजनौर इकाई की ओर से आयोजित ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में कवयित्रियों ने कविताओं और गीतों से रंग से बिखरे। काव्य गोष्ठी में कवयित्रियों ने देशप्रेम की कविताएं और गीत प्रस्तुत किए, वहीं बेटियों पर गजलें और कविताएं प्रस्तुत कर महिला सशक्तिकरण का परिचय दिया।
रविवार को ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन कवयित्री सुमन वर्मा के संयोजन में किया गया। गोष्ठी में मुख्य अतिथि नीलम मिश्रा रही। सरस्वती वंदना मेरठ की कवयित्री रचना वान्या ने की। संचालन महिला काव्य मंच की अध्यक्ष डा. मंजु जौहरी मधुर ने किया। काव्य पाठ में रेखा गिरीश ने कृष्ण की मुरली बजे है मन में मेरे जब कभी.., डा. मंजु जौहरी मधुर ने लिख रहीं हैं सुनहरा कल ये बेटियां, गीत हैं छंद हैं, हैं गजल बेटियां.., सुमन वर्मा ने फितरती हो गया इंसान बेखुदी के साथ, आइने में तस्वीर ढूंढता खुद्दारी के साथ.., शशि कला राजपूत ने यह पाकिस्तान क्यों मानता नहीं है, आज के भारत की शक्ति को क्या यह जानता नहीं है.., इंदु गुप्ता ने घर का दर खुला रहा रात निकल गयी..पेश कर वाहवाही लूटी।
कवि गोष्ठी में रचना शास्त्री ने स्वप्न आंखों के सब सच कर दिए तुमने, मेरे मन पाखी को नव पर दिए तुमने.., रचना वान्या ने प्रेम पूजा भी है प्रेम भक्ति भी हैं.., नीलम अग्रवाल ने रोको गौ माता पर अत्याचार, अब तो आ जाओ गोपाल.., नीमा शर्मा ने वो चीता सी जली रात-भर.. प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में महिला काव्य मंच की अध्यक्ष डा. मंजू जौहरी ने सभी को श्रेष्ठ रचनाएं प्रस्तुत करने पर बधाई दी।