किशोरी को ले गए युवक के मां-पिता और बहन ने खाया जहर
बिजनौर/मंडावर। चार दिन पूर्व पास के ही गांव की किशोरी को ले जाने वाले युवक के पिता-मां और बहन ने जहरीला पदार्थ खा लिया। युवक की मां और बहन का आरोप है कि किशोरी के परिजनों ने उनके साथ मारपीट की थी। उन्हें सरेआम अपमानित किया गया, जिससे आहत होकर उन्होंने आत्महत्या का प्रयास किया। तीनों की हालत गंभीर बताते हुए चिकित्सकों ने जिला अस्पताल से मेरठ रेफर कर दिया। ग्रामीणों ने पुलिस पर भी परिवार का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया जा रहा है। एसपी ने सीओ सिटी को इस मामले की जांच सौंपी है।
मंडावर क्षेत्र के गांव निवासी युवक का अपनी ही बिरादरी की पास के गांव की रहने वाली किशोरी से प्रेेम प्रसंग चल रहा था। किशोरी युवक की बहन के साथ कक्षा 12 में पढ़ती है। सोमवार रात युवक किशोरी को अपने साथ ले गया। इस घटना की किशोरी के परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी। बृहस्पतिवार सुबह युवक के 55 वर्षीय पिता, 47 वर्षीय मां और 18 साल की बहन ने घर में ही कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। तीनों की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस को सूचना दी। आंगन में तड़प रहे तीनों को पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया। गांव वालों के मुताबिक तीनों ने लोक लाज के डर से जहरीले पदार्थ का सेवन किया है। जबकि युवक की मां और बहन का आरोप है कि किशोरी के परिजनों ने उनके साथ मारपीट की। सरेआम उन्हें अपमानित किया गया। पुलिस भी रोजाना घर आकर उनका उत्पीड़न कर रही थी। इसलिए उन्होंने जहर खाया है।
एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि इस मामले में पुलिस युवक के घर नहीं गई और न ही उन्हें थाने बुलाया गया। पुलिस पर उत्पीड़न करने के आरोप गलत है। किशोरी के परिजनों द्वारा युवक के परिजनों से मारपीट करने और अपमानित करने का मामला सामने आया है। सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता को इस मामले की जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी
पंचायत में किया गया प्रताड़ित, इसलिए खाया जहर
बिजनौर/मंडावर। युवक के किशोरी को ले जाने के बाद गांव में बिरादरी की पंचायत हुई। आरोप है कि इस पंचायत में युवक के परिजनों को खूब प्रताड़ित किया गया। परिजनों पर दबाव था कि किशोरी को किसी भी सूरत में बरामद कराएं। किशोरी के परिजनों पर भी मुकदमा वापस लेने और युवक के साथ शादी करने का दबाव बनाया गया। लेकिन इस बात पर किशोरी के परिजन सहमत नहीं हुए। युवक के परिजनों को यह डर सताने लगा था कि अब उनके साथ अनहोनी होने वाली है। इसी डर से उन्होंने जहर खा लिया। इस घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
मंडावर क्षेत्र के गांव निवासी युवक दूसरे गांव की किशोरी को बहला फुसलाकर चार दिन पहले अपने साथ ले गया था। उसकी बहन क्षेत्र के ही इंटर कॉलेज में कक्षा 12 की छात्रा है। किशोरी भी उसके साथ पढ़ती थी। इसलिए दोनों का एक दूसरे के घर खूब आना जाना था। किशोरी की शादी जुलाई माह में होनी तय है। इस बात से युवक नाराज था। गांव के ही एक युवक के आवास पर दोनों की शादी को लेकर कुछ दिन पहले बात हुई थी, लेकिन दोनों पक्षों में कोई सहमति नहीं बनी थी।
गांव वालों के मुताबिक मंगलवार को गांव में बिरादरी की पंचायत हुई। जिसमें मुकदमा वापस लेने और किशोरी को बरामद कराने की बात हुई। युवक के परिजनों पर किशोरी को बरामद कराने का दबाव बनाया गया। पंचायत में यह भी कहा गया कि किशोरी के बरामद होने के बाद उसकी और युवक की शादी करा दी जाए, लेकिन इस बात के लिए किशोरी के परिजन तैयार नहीं हुए। आरोप है कि पंचायत में युवक के परिजनों को प्रताड़ित किया गया। युवक के परिजनों का कहना है कि पुलिस भी उनके घर आ रही थी। उन पर दबाव बनाया जा रहा था कि किशोरी को बरामद कराएं। वरना मुकदमा दर्ज कर पुलिस उन्हें थाने ले जाएगी। इस बात से युवक के परिजन डरे हुए थे। उन्हें इस समस्या से निकलने का कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा था।
किशोरी के परिजन भी लगातार उन पर किशोरी को बरामद करने का दबाव बना रहे थे। इस बात को लेकर दंपती और उनकी बेटी ने जहर खा लिया। वहीं, पुलिस कह रही है कि सामाजिक लांछन के कारण तीनों ने जहर खाया है। एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह के मुताबिक इस मामले में दो पुलिसकर्मी आरोपी पक्ष के घर पर पूछताछ करने के लिए जरूर गए थे, लेकिन थाने किसी को नहीं लाया गया और न ही किसी को प्रताड़ित किया गया।
कुछ दिन पहले लाए थे रिश्ता
युवक की मां और बहन के मुताबिक उनके घर पर किशोरी के परिजन रोज आते थे और उनके साथ मारपीट कर प्रताड़ित करते थे। लड़की वाले रोजाना दस-बारह आदमी लेकर आते थे। कुछ दिन पहले उनके घर पर वह किशोरी का रिश्ता लेकर आए थे। बाद में उसका रिश्ता कहीं और तय कर दिया। किशोरी ने इसके बारे में युवक को बताया। इसके बाद किशोरी के परिजन उसको नाबालिग बताने लगे। पुलिस को उन्होंने इस बारे में नहीं बताया है।