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पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश से क्षेत्रीय नदियों का जलस्तर बढ़ा

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भागूवाला की कोटावाली नदी रपटे पर पानी का तेज बहाव। - फोटो : NAZIBABAD
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भागूवाला/मंडावली। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश होने से क्षेत्रीय नदियों का जलस्तर बढ़ गया। बुधवार को कोटावाली नदी रपटे पर तीन फीट पानी चला, वहीं सूखा नदी और लकड़ाहन नदी भी उफान पर रही। नदियों का जलस्तर बढ़ने से वाहनों का आवागमन ठप रहा।
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भागूवाला क्षेत्र की कोटावाली नदी बुधवार सुबह से ही उफान पर रही। कोटावाली नदी रपटे पर तीन फीट से अधिक पानी चला। पानी के तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने रपटे से वाहनों के गुजरने पर रोक लगा दी। एसडीएम परमानंद झा ने भागूवाला चौकी पुलिस को नदी में पानी के तेज बहाव के दौरान किसी भी वाहन को रपटे से गुजरने की अनुमति नहीं देने को कहा। पुलिस ने शाम चार बजे तक किसी भी वाहन को नदी रपटे से नहीं गुजरने दिया। घंटों इंतजार कर रहे वाहनों ने फिर भागूवाला-चंदक हेड मार्ग से आवागमन किया। उधर, मंडावली क्षेत्र की सूखा नदी और लकड़ाहन नदी भी उफान पर रही। ग्राम जटपुरा बोंडा के पास लकड़ाहन नदी के रपटे पर पानी आने से करीब तीन घंटे तक यातायात ठप रहा। वहीं, मोटा महादेव-भागूवाला बाईपास मार्ग पर सूखा नदी और लकड़ाहन नदी के रपटे पर पानी के तेज बहाव से कई घंटों तक वाहनों की आवाजाही ठप रही।
गांव में कैद हो जाते हैं पीतमगढ़ के लोग
भागूवाला। भागूवाला क्षेत्र के गांव पीतमगढ़ के लोग अपने ही गांव में कैद है। ग्रामीण अशोक कुमार, मुन्ने, पूरन, भोपाल, धर्मपाल का कहना है कि पीतमगढ़ गांव कोटावाली नदी और कोठियारी नदी के बीच बसा है। गांव से आवाजाही का रास्ता दोनों नदियों से होकर गुजरता है। लेकिन बरसात में दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण अपने गांव में ही कैद होने को मजबूर हो जाते हैं। बुधवार को भी दोनों नदियों को जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की आवाजाही बंद हो गई।
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