बिजनौर : हल्दौर के गांव खेड़ा के पास नहर पटरी सड़क की जांच करती टीम।
- फोटो : BIJNOR
नहर पटरी सड़क की जांच करने पहुंची टीम
छाछरी मोड़/बिजनौर। नारियल कांड के बाद सुर्खियों में आई निर्माणाधीन सड़क की जांच के लिए टीम बृहस्पतिवार को मौके पर पहुंची। टीम ने नहर पटरी सड़क की नापतौल करते हुए निर्माण सामग्री का नमूना लिया। नमूना लैब में भेज दिया गया है। सड़क के विवाद में फंसने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
बृहस्पतिवार को मुख्य अभियंता सिंचाई विभाग मुरादाबाद आरपी की ओर से गठित की गई जांच टीम नहटौर शाखा नहर पर पहुंची। जिसने गांव खेड़ा में सिंचाई विभाग की ओर बन रही 700 मीटर सड़क की जांच की। टीम में शामिल अधीक्षण अभियंता सिंचाई बिजनौर कौशल रमन प्रजापति और हिमांशु कुमार अधीक्षण अभियंता बरेली शामिल रहे। सड़क की सामग्री की गुणवत्ता की जांच के लिए नमूने लेकर पीडब्ल्यूडी की लैब भेज दिए गए। जांच टीम के अतिरिक्त लोनिवि के अधिशासी अभियंता सुनील सागर, सिंचाई विभाग के एई सुरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
जेई को किया जा चुका है संबद्ध
नहर पटरी की सड़क निर्माण में धांधली के आरोप में एई सुरेंद्र सिंह और जेई शिवानी गुप्ता इस मामले में निलंबित हो चुके हैं। प्रमुख अभियंता वीके निरंजन ने जेई को निलंबित करते हुए पूर्वी गंगा नहर के खंड चार से भी संबद्ध कर दिया है। उधर, बताया जा रहा है विवादों में फंसी इस सड़क पर चार्ज लेने के लिए कोई जेई तैयार नहीं है। विभाग में हड़कंप मचा ह़ुआ है।
बिजनौर : हल्दौर के गांव खेड़ा के पास नहर पटरी सड़क की जांच करती टीम।- फोटो : BIJNOR