बिजनौर। टीईटी अनिवार्यता एवं एनपीएस-यूपीएस व निजीकरण के विरोध में रविवार को इंदिरा बाल भवन में पेंशन क्रांति महासम्मेलन हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा टीईटी अनिवार्यता एवं एनपीएस-यूपीएस काले कानून है, जिसका विरोध निरंतर जारी रहेगा।
विजय कुमार बंधु ने कहा कि पुरानी पेंशन हमारा संविधानिक अधिकार है। इसके लिए संगठित होने की आवश्यकता है। सरकार हमारी मांगे तभी मांगेगी, जब हम संगठित होकर लड़े। उन्होंने अपने संबोधन से कर्मचारियों, शिक्षकों में हक के लिए लड़ने का जोश भरा। ईआरईएफ राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरीक सिंह एवं डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप बडोला ने कहा कि अटेवा पुरानी पेंशन बहाली के लिए ईमानदारी से शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए संघर्षरत है। हम अटेवा के संघर्ष के साथ है।
विद्युत प्राविधिक कर्मचारी संघ के पश्चिमांचल महासचिव अभिमन्यु कुमार व ऑल इंडिया पटवारी एवं कानूनगो के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम मूरत यादव व उत्तराखंड के प्रदेशाध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली ने कहा कि पुरानी पेंशन हमारा संविधानिक अधिकार है। इसके लिए अंत तक संघर्ष जारी रहे। राजकीय वाहन चालक महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष रिजवान सिद्दीकी एवं जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश संयुक्त मंत्री ठाकुर विश्वपाल सिंह ने अटेवा के संघर्ष की तारीफ की और हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर चलने का आह्वान किया।
प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पश्चिमी जोन प्रभारी चंद्रहास सिंह के संचालन में हुए पेंशन क्रांति महासम्मेलन में जितेंद्र कुमार गुर्जर, मुकेश रतौडी, जगमोहन, विकास कुमार शर्मा, दुष्यंत कुमार, सुधीर कुमार यादव, नितिन कुमार, सुभाष चंद्र यादव, दीपक गुप्ता, करतार सिंह, आफताब अहमद, मनोज कुमार कौशिक आदि मौजूद रहे।
बिजनौर के इंदिरा बाल भवन में पेंशन क्रांति महासम्मेलन को संबोधित करते वक्ता। संवाद