अमानगढ़ में वाटर होल में पानी पीते हाथी।
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बिजनौर। गर्मी के साथ-साथ बढ़ते तापमान को देख अमानगढ़ में बनाए गए कृत्रिम तालाबों को पानी से भरना शुरू कर दिया है, ताकि वन्य जीव पानी की तलाश में जंगल की सीमा न लांघे। असल में जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है कार्बेट पार्क से भी वन्य जीवों का मूवमेंट अमानगढ़ की ओर बढ़ जाता है। बिजनौर डिवीजन की इस रेंज में जिम कार्बेट से भी वन्य जीव अपनी प्यास बुझाने आते हैं।
बिजनौर डिवीजन की अमानगढ़ कार्बेट पार्क का ही हिस्सा मानी जाती रही है। हां यह बात अलग है, दोनों जगहों पर दो अलग-अलग राज्य के अधिकारी देखरेख करते हैं। कार्बेट पार्क में जहां पर्यटकों की भीड़ रहती है, वहीं अमानगढ़ उतना ही शांत रहता है। यही कारण है कि यहां पर हाथियों के झुंड के अलावा बाघ, गुलदार, हिरन के झुंड बड़ी संख्या में रहते हैं। अब जैसे ही गर्मी शुरू हुई तो वन्य जीव पानी की तलाश में इधर-उधर भटकने लगते हैं। वन विभाग को डर सता रहा है कि पानी की तलाश में हर साल की तरह वन्य जीव आबादी क्षेत्रों का रुख न कर लें। इस समस्या के समाधान के लिए अमानगढ़ में करीब 24 कृत्रिम तालाब बनवाए गए थे। अब इन्हें पानी से भरवाने का काम शुरू कर दिया गया है। वन अधिकारियों की माने तो गर्मी के दिनों में इन वाटर हॉल की निगरानी बढ़वा दी जाती है, ताकि इनमें पानी की उपलब्धता हर समय रहने और शिकारियों से वन्य जीवों का बचाव दिया जा सके।
जल्दी शुरू हो जाएगा हाथियों का मूवमेंट: रेंजर
रेंजर राकेश कुमार शर्मा के अनुसार वाटर हॉल में पानी भरवाना शुरू कर दिया गया है। वन्य जीवों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। अमानगढ़ और कार्बेट पार्क से वन्य जीव एक दूसरी जगह मूवमेंट करते रहते हैं।