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नसबंदी कराने आए व्यक्ति को नहीं मिली जांच किट

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नसबंदी कराने आए व्यक्ति को नहीं मिली जांच किट
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बिजनौर। नसबंदी के लिए एएनएम की ओर से महिला अस्पताल लाए गए एक व्यक्ति की एचआईवी जांच होनी थी। महिला अस्पताल की कर्मचारी ने किट देने से इंकार कर दिया। यहां तक कि एएनएम को नसबंदी फार्म तक नहीं दिया। एएनएम और व्यक्ति पूरे दिन महिला अस्पताल में चिकित्सकों के चक्कर काटती रहीं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बाद में शाम को किसी तरह जिला अस्पताल में ही व्यक्ति के सैंपल लिए गए।
शासन की ओर से पुरुष नसबंदी पर विशेष फोकस किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को धामपुर क्षेत्र की एएनएम एक व्यक्ति की नसबंदी कराने के लिए उसे जिला अस्पताल लाई थी। जिला अस्पताल में एचआईवी जांच करने वाले कर्मचारी की ड्यूटी कहीं और लगी थी। एएनएम व्यक्ति को महिला अस्पताल ले गई और जांच के लिए किट मांगी। एएनएम का आरोप है कि लैब में बैठी महिला कर्मचारी ने किट देने से साफ साफ इनकार कर दिया, जबकि उन्हें किट दी जा सकती थी। बाकी कर्मचारियों के कहने पर भी लैब में भी कर्मचारी ने कोई सुनवाई नहीं की। इस बारे में उन्होंने बाकी चिकित्सकों से भी बात की लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
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एएनएम के अनुसार बाद में शाम को उन्होंने किसी तरह जिला अस्पताल में ही जांच कराई। एएनएम ने आरोप लगाया है कि ऐसे कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से ही विभागीय लक्ष्य हासिल करने में कठिनाई होती है। जब एक व्यक्ति को पूरा दिन जांच कराने में लगा दिया तो उनके साथ कौन आएगा। उन्होंने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से करने की बात कही है। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. प्रभा रानी का कहना है कि एएनएम को किट दे दी गई थी। इस तरह की जांच जिला संयुक्त चिकित्सालय के सीएमएस के कहने पर ही हो पाती है।
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