डूबे पांचों ग्रामीणों नाव में बैठाकर सकुशल लाया गया वापस।
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बेगावाला में गंगा की उफनती लहरों के बीच जान हथेली पर रखकर पशुओं के लिए चारा ला रहे किसानों की नाव गंगा की बीच धारा में पानी में समा गई। एक किशोर सहित तीन किसान गंगा की तेज लहर में बह गए, जबकि दो ने कांस के सहारे तैरकर किसी तरह एक टापू पर जाकर जान बचाई। घटना का पता चलते ही हड़कंप मच गया। गांव वाले व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। गोताखोरों ने गंगा की धारा में आठ किलोमीटर दूर गंगा में बह रहे तीनों किसानों को बचाया।
गांव ब्रह्मपुरी के किसान गंगा पास शुक्रताल क्षेत्र के जंगल से अपने पशुओं के लिए चारा लाते हैं। पूरे साल ये किसान नाव से ही आते-जाते हैं। पहाड़ों पर हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ने व धारा की गति बहुत तेज होने के बाद भी किसान अपने पशुओं के लिए चारा लाने को मजबूर हैं। शनिवार को भी पांच किसान सगे भाई चंद्रपाल सिंह व पाल्ले, नाथे, रामप्रसाद व 16 साल का मीरहसन चारा लेने गंगा पार गए थे। चारा लेकर करीब ढाई बजे लौटते वक्त उनकी धारा बीच गंगा में समा गई। पांचों किसान गंगा में बहने लगे।
चंद्रपाल व राम प्रसाद किसी तरह तैरकर गंगा की धारा की बीच में बने टापू तक चले गए, लेकिन नाथे, मीरहसन व पाल्ले गंगा की धारा में बह गए। टापू पर आए किसानों ने गांव में फोन किया तो खलबली मची गई। गांव वाले व गोताखोर नाव लेकर गंगा में किसानों को तलाशने लगे। डीएम जगतराज, एडीएम प्रशासन मदन सिंह गर्ब्याल व एसडीएम सत्येंद्र सिंह मौके पर पहुंच गए। गंगा की धारा में बहे तीनों किसान घटनास्थल से आठ किलोमीटर आगे बहते मिल गए। चंद्रपाल व राम प्रसाद ने बताया कि वे खादर से कांस काटकर लाते हैं। यह बांस की तरह ही होता है और पानी में तैरता है। वे दोनों कांस के सहारे तैर गए। उन्होंने बताया कि गंगा की तेज धारा में नाव अनियंत्रित होकर पलट गई थी।
स्योहारा मेंं भारी बारिश का कहर हर रोज कहीं न कहीं आफत बन रहा है। पैर फिसलने से एक किशोर तालाब में डूब गया। सूचना मिलने पर गांव में कोहराम मच गया। गांव के गोताखोर किशोर की तलाश में लगे हैं। छह घंटे बीत जाने के बाद भी अभी किशोर को बरामद नहीं किया जा सका है।
रात से ही क्षेत्र में रुक-रुक कर वर्षा हो रही है। इससे गांव के मार्गों पर पानी भर गया है। थानाक्षेत्र के गांव बजीरपुर एतमाली उर्फ मंडयो में गांव के किनारे पर ही एक बहुत गहरा तालाब है। वर्षा होने के कारण रास्तो में पानी भरा हुआ था। धर्मवीर सिंह का पुत्र ऋतिक 13 वर्ष अपने साथियों के साथ खेत पर जा रहा था। मार्ग पर पानी भरा होने के कारण तालाब का अंदाजा नहीं हो सका। मार्ग के किनारे पर रपटन होने के कारण ऋतिक का पैर फिसल गया। पैर फिसलने से ऋतिक तालाब के गहरे पानी कुंड में डूब गया। गांव में जैसे ही ऋतिक के डूबने की सूचना मिली ,गांव के गोताखोर विजयपाल सिंह, शमीम, सोनू, नरेंद्र सिंह आदि तालाब में उतर कर ऋतिक को तलाश करने लगे। बच्चे के डूब जाने की सूचना पर पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंच गई। पुलिस द्वारा गोताखोरों के बच्चे को तलाश करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राजस्व विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है। पांच घंटे की लगातार मेहनत के बाद भी ऋतिक को तलाश नहीं किया जा सका। उधर उसके घर पर कोहराम मचा हुआ है। गांव की घर में सांत्वना देने आने वालों का तांता लगा हुआ है।