बिजनौर में जजी चौक पर जाम लगाते अधिवक्ता।
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बिजनौर में पेद्दा कांड में अधिवक्ता प्रफुल चौधरी और उनके पिता को नामजद किए जाने के विरोध में वकीलों का आंदोलन जोर पकड़ता जा रहा है। सोमवार को बिजनौर के साथ वेस्ट यूपी के 22 जिलों के अधिवक्ता भी न्यायिक कार्य से विरत रहे।
वकीलों ने एलान किया है कि दोनों अधिवक्ताओं का नाम इस प्रकरण से नहीं निकाला गया तो बार एसोसिएशन को और भी सख्त कदम उठाने के लिए विवश होना पड़ेगा। वकीलों ने जजी चौक पर जाम लगाते हुए प्रशासन विरोधी नारेबाजी की।
सोमवार को जिला बार एसोसिएशन की बार अध्यक्ष राजीव चौहान की अध्यक्षता व सचिव अजीत पंवार के संचालन में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन के आश्वासन के बाद भी अभी तक दोनों अधिवक्ताओं का नाम इस प्रकरण से नहीं निकाला गया है। जिला बार एसोसिएशन के तत्वावधान में 19 सितंबर से अधिवक्ता लगातार न्यायिक कार्य से विरत हैं।
इसके कारण वादकारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है वकीलों ने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन ने अधिवक्ता प्रफुल चौधरी और उनके पिता का नाम नहीं निकाला तो प्रशासन को इसका खामियाजा भुगतना होगा। ऐश्वर्य चौधरी का नाम विवेचना से निकालने की मांग भी की गई। इसके बाद वकील जिला बार अध्यक्ष राजीव चौहान, सचिव अजीत पंवार के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए जजी चौराहे पर एकत्र हुए। वहां उन्होंने जाम लगाकर नारेबाजी की। सीओ सिटी असित श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अधिवक्ताओं का नाम निकालने की मांग की गई। जिला बार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमित राठी, पूर्व अध्यक्ष एसके बबली, निरंकार सिंह, यशपाल, संदीप, नवदीप सिंह, अनुज चौधरी आदि रहे। वहीं चांदपुर में तहसील बार एसोसिएशन की बैठक में वक्ताओं ने पेद्दा प्रकरण में दो अधिवक्ताओं को फंसाने पर रोष व्यक्त किया। हाईकोर्ट बेंच स्थापना संघर्ष समिति के आह्वान पर हड़ताल रखी। शिव कुमार निराला, अरुण कुमार, शमशाद अहमद, राजवीर सिंह, हरिश्वर सिंह, जोगराज सिंह, मुकेश चौहान आदि मौजूद रहे।