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‘सैनिकों का सम्मान ही सबसे बड़ी श्रद्धांजलि’

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सैनिक मनोज कुमार। - फोटो : NAZIBABAD
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नजीबाबाद। कारगिल शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि प्रत्येक भारतवासी सैनिकों के प्रति सम्मान बनाए रखे। कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना में तैनात रहे सैनिक मनोज कुमार ने कारगिल विजय दिवस पर यह बात कही।
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सैनिक मनोज कुमार का राष्ट्रसेवा जज्बा कारगिल युद्ध के दो दशक बाद भी उनकी रग-रग में बसा है। शेरकोट निवासी सैनिक मनोज कुमार कारगिल युद्ध के दौरान भुज में भारतीय वायु सेना के फाइटर प्लेन टेक्नीशियन पद पर कार्यरत थे। उन्होंने बताया कि तीन मई 1999 से शुरू हुई कारगिल युद्ध गाथा दुश्मन के नापाक इरादों की ऐसी गाथा है जिसने जांबाज भारतीय सैनिकों की चुनौती पूर्ण परीक्षा ली।
उन्होंने कहा कि सरहद की सुरक्षा चेकपोस्ट पर आमतौर पर ज्यादा ठंडे मौसम में सेना नीचे आ जाती है और फिर लौटती है। पाकिस्तानी सेना ने विश्वासघात के साथ भारतीय सरहद पर कब्जा करने की नापाक इरादों के साथ सुरक्षापोस्ट पर वापसी करने वाले सैनिकों को मारना शुरू कर दिया। सैनिकों के पोस्ट पर पहुंचने वाले रास्ते पर दुश्मन के हमले बढ़ते गए।
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सैनिक मनोज कुमार बताते हैं कि देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने के संकल्प के साथ भारतीय सेना को गले लगाने वाले थल सेना और वायु सेना के सामूहिक मिशन ने दुश्मन की सेना के छक्के छुड़ा दिए। सैनिकों के सामने देश की रक्षा का सबसे बड़ा मिशन था। जान की परवाह किए बिना भारतीय सैनिकों ने जान की बाजियां लगाकर दुश्मन को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
26 जुलाई को 1999 को कारगिल फतह के साथ जब भारतीय फौज चोटियों पर लहराए तो सैनिकों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। कारगिल युद्ध के दौरान सैनिक स्वयं फाइटर प्लेन में गोला-बारूद भरने का दायित्व निभाते थे। मनोज ने कारगिल शहीदों को विजय दिवस पर नम आंखों से शहीदों की त्याग और बलिदान भावना को नमन किया।
बच्चों को सुनाई कारगिल शहीदों की गाथा
नजीबाबाद। वर्तमान में गांव बशीरपुर निवासी कारगिल युद्ध के सैनिक मनोज कुमार स्टेट बैंक में नौकरी के साथ देश के कर्णधार बच्चों को योगा का प्रशिक्षण देते हैं। कारगिल विजय दिवस पर उन्होंने नगर के सिद्घबली विहार कॉलोनी में कारगिल शहीदों की स्मृति में प्रार्थना की। योगा से जुड़े बच्चों को कारगिल शहीदों के राष्ट्रसेवा जज्बे से अवगत कराया और देश की रक्षा, एकता और अखंडता के प्रति समर्पित रहने का संकल्प दिलाया।
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