चार हजार परिवारों का पक्की छत का सपना होगा सच
बिजनौर। शहरों और कस्बों में साढ़े चार हजार से अधिक परिवारों का पक्के मकान का सपना इस बार पूरा होने जा रहा है। इन परिवारों की डीपीआर इस बार बनाकर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। डीपीआर स्वीकृत होते ही आवास के लिए पैसा मिलने लगेगा। कई परिवारों को इस बार पिछली बार की रुकी किस्त भी मिल जाएगी।
कच्चे और झोपड़ी जैसे मकानों में रहने वाले लोगों के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना का संचालन किया जा रहा है। इस साल यह योजना संपन्न हो जाएगी। योजना में शहरों में रहने वाले लोगों को योजना में केंद्र सरकार द्वारा ढाई लाख रुपये मिलते हैं। योजना में अब तक 15 हजार 318 लोगों के आवास पूरे हो चुके हैं। काफी परिवार ऐसे हैं, जिन्हें मकान बनाने के लिए पहली या दूसरी किस्त मिल चुकी है। इस बार योजना की अंतिम सूची जाने के कयास लगाए जा रहे हैं। डूडा द्वारा इस बार चार हजार 572 परिवारों की डीपीआर/डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर भेजी जा रही है। इसके लिए परिवारों का सर्वे भी कराया जा रहा है। डीपीआर स्वीकृत होते ही इन परिवारों को मकान बनाने के लिए किस्त मिलने लगेंगी।
पालिका पूरे हुए मकान
अफजलगढ़ 367
बिजनौर 2278
चांदपुर 2352
धामपुर 576
हल्दौर 615
जलालाबाद 246
झालू 1078
किरतपुर 1017
मंडावर 726
नगीना 1235
नजीबाबाद 581
नहटौर 654
नूरपुर 766
साहनपुर 481
सहसपुर 522
स्योहारा 391
शेरकोट 715
बढ़ापुर 718
कुल आवास 15318
नोट: आंकड़े विकास भवन से लिए गए हैं।
तीन किस्तों में मिलता है पैसा
जिले में 34 हजार 328 मकान स्वीकृत हुए हैं। 15318 आवास पूरे हो चुके हैं। योजना में पहली किस्त में 50 हजार, दूसरी किस्त में डेढ़ लाख और तीसरी किस्त में 50 हजार रुपये मिलते हैं।
निर्माण शुरू न कराने पर नोटिस जारी
कोरोना काल में काफी परिवारों के आवासों का निर्माण भी अटका है। करीब दो दर्जन ऐसे परिवार हैं, जिन्होंने पहली किस्त मिलने के बाद भी निर्माण शुरू नहीं कराया है। इन लोगों को विभाग से नोटिस जारी किए गए हैं।
बना रहे डीपीआर
डूडा के परियोजना अधिकारी नरेंद्र मिश्रा के अनुसार परिवारों को योजना का लाभ देने के लिए डीपीआर बनाई जा रही है। पात्रता के आधार पर ही लोगों को योजना का लाभ दिया जाएगा।