जिले को कृषि हब के रूप में किया जाएगा विकसित : डीएम
बिजनौर। जनपद बिजनौर को कृषि हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए जिले का वातावरण अनुकूल है तथा यहां के किसान भी प्रगतिशील हैं। प्रगतिशील किसान वैज्ञानिक तकनीकी को अपनाने में सक्षम हैं। जिले के उत्पादों का देश विदेश में निर्यात हो रहा है। स्थानीय किसानों के उत्पादों को उचित बाजार में मूल्य उपलब्ध कराया जाए। यह बात जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में कही।
डीएम ने संबंधित जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बिजनौर जनपद को कॉमर्शियल व जैविक खेती के हब के रूप में विकसित करना है। डीएम ने नगीना कृषि अनुसंधान केन्द्र के प्रभारी अधिकारी को निर्देश दिए कि अनुसंधान के साथ जिले के किसान बंधुओं से सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें कृषि से संबंधित आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक विधियों की जानकारी उपलब्ध कराएं। संस्थान में बासमती चावल की उपज बढ़ाने, क्वालिटी को विकसित करने तथा उसका उचित मूल्य उपलब्ध कराने के लिए बाजार आदि की व्यवस्था से संबंधित प्रभावी शार्ट फिल्म बना कर उसका प्रस्तुतिकरण करें। उन्होंने यूपी डास्प, कृषि, गन्ना, खांडसारी, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, एनआरएलएम, नाबार्ड, सहकारिता, ग्रामोद्योग, मंडी, इफ्को सहित कृषि से संबंधित अन्य विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने विभागों की प्रगति और उपलब्धियों पर आधारित सूक्ष्म फिल्म बनाएं। उसमें विभागीय योजनाओं के साथ ही उनसे लाभान्वित होने वाले लाभार्थियों की सक्सेज स्टोरी और उनके सुझावों को भी उसमें शामिल करें। उसे दिखाकर अन्य को प्रेरित करें। सीडीओ केपी सिंह ने पांच जून को आयोजित होने वाले वृहद स्तरीय कृषि मेले के सफल आयोजन के लिए सभी अधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं निर्देश उपलब्ध कराएं। कहा कि सभी विभागीय उपलब्धियों एवं प्रगति पर आधारित स्टॉल लगवाएं।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विजय कुमार गोयल, उप निदेशक कृषि गिरीश चन्द, जिला पंचायतराज अधिकारी सतीश कुमार, जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार आदि उपस्थित रहे।