जिला पंचायतराज कार्यालय पर आरक्षण को लेकर लगी रही भीड़
बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण पर पहले दिन 46 आपत्तियां आईं। जिला पंचायतराज कार्यालय पर आरक्षण संबंधी जानकारी लेने वालों की भीड़ लगी रही। लोग कानूनी सलाह लेने के बाद ही आपत्ति दर्ज कराने की बात कह रहे हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आरक्षण सूची का प्रकाशन हो गया है। शासन ने आरक्षण सूची पर आठ मार्च तक आपत्ति मांगी हैं। इस बार प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य, व क्षेत्र पंचायत सदस्य के आठ हजार से अधिक पदों का आरक्षण हुआ है। प्रधान पद की 640 पंचायतें अलग-अलग वर्ग में आरक्षित हुई हैं।
बृहस्पतिवार आपत्ति देने का पहला दिन था। आपत्ति ब्लाक, डीपीआरओ, सीडीओ व डीएम कार्यालय में देने का विकल्प था। जिले के 11 ब्लाक में से पांच ब्लाक में कोई आपत्ति नहीं आई। सात ब्लाक में मात्र बारह आपत्ति आई हैं। लोग आपत्ति दर्ज कराने सीधे डीपीआरओ दफ्तर आ रहे हैं। ब्लाक के ग्रामीणों का आरोप है कि आरक्षण में हेरा फेरी का सारा खेल ही ब्लाकों में हुआ है।
प्रधान व जिला पंचायत सदस्य के आरक्षण पर ही आपत्तियां
पहले दिन ब्लाकों में 12 तथा जिला पंचायतराज अधिकारी दफ्तर में 34 आपत्ति हैं। आपत्ति प्रधान वह जिला पंचायत सदस्य के आरक्षण पर ही हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य, व ग्राम पंचायत सदस्य आरक्षण की कोई आपत्ति नहीं हैं। प्रधान पद की आपत्ति अधिक हैं।
आरक्षण पर लग रहे आरोप
लोगों ने हल्दौर व मोहम्मदपुर देवमल ब्लाक में वार्ड परिसीमन में नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। एक ही वार्ड नंबर पंचायत लगातार दूसरी बार भी उसी वर्ग में आरक्षित कर दी गई है। वर्ष 2015 में गठित वार्ड को दूसरी बार भी एससी के लिए आरक्षित कर दिया है। मोहम्मदपुर देवमल समेत अन्य ब्लाक में आरक्षित होने वाली कई पंचायत ऐसी हैं जिसमें आरक्षित वर्ग की आबादी नाम मात्र की है।
पंचायतों के आंकड़े लेकर आए लोग
जिला पंचायतराज दफ्तर में लोग अपने गांव की जातिवार आबादी के आंकड़े, वर्ष 2015 तथा उससे पहली पंचवर्षीय योजना के चुनाव की आरक्षण वर्ग के आंकड़े लेकर पहुंचे। लोग शासन की आरक्षण प्रक्रिया की जानकारी ले रहे थे। सरदार गुरूमीत सिंह, इंद्रजीत सिंह आदि का कहना था कि कानूनी सलाह के बाद आपत्ति दर्ज की जाएगी।
डीपीआरओ दफ्तर पर गहमागहमी रही
जिला पंचायतराज दफ्तर पर गहमागहमी का माहौल था। लोग एक दूसरे से अपनी पंचायत के आरक्षण के आंकड़े शेयर कर रहे थे। आरोप लग रहे थे कि आरक्षण में विपक्षी नेताओं के पंचायतों को साजिशन निशाना बनाकर एससी में डाला गया है। परिसीमन में जोड़ तोड़ से वार्ड निर्धारण करके नियम विरुद्ध फायदा पहुंचाया गया है।
आरक्षण के विरुद्ध आपत्ति दर्ज
हल्दौर। ब्लॉक कार्यालय में दो अलग-अलग ग्राम पंचायतों से ग्राम प्रधान पदों के लिए आरक्षित अनुसूचित जाति की सीटों के लिए आपत्तियां दर्ज कराई गई।
गांव सल्लाहपुर व मंडोरा जट में ग्राम प्रधान पद के लिए अनुसूचित जाति की सीट आरक्षित की गई है। इससे ग्राम प्रधान पद का चुनाव लड़ने वाले अन्य वर्ग के लोगों के चुनाव लड़ने के अरमान धरे रह गए। बृहस्पतिवार को गांव सल्लाहपुर के ग्रामीणों ने आरक्षित अनुसूचित जाति की सीट में फेरबदल कर पिछड़ा वर्ग व अनारक्षित सीट घोषित कराने की मांग की। जबकि मंडोरा जट से कई ग्रामीणों ने गांव में आरक्षित अनुसूचित जाति की सीट के स्थान पर संशोधित कर अनारक्षित सीट की सूची जारी कराने के संबंध में आपत्ति पत्र दाखिल किया। एडीओ पंचायत सुरेंद्र सिंह ने दो आपत्ति की पुष्टि की है।