कब होगी गन्ना मूल्य में वृद्धि
चीनी मिल के आगामी पेराई सत्र की तैयारी हो गई है, लेकिन पिछले सत्र का भुगतान अब तक किसानों को नहीं मिला है। किसानों को विलंब भुगतान पर ब्याज भी नहीं मिलता है। 2017 में नजीबाबाद मिल में एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सहकारी चीनी मिल की पेराई क्षमता की घोषणा की थी, उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे किसान समय से गन्ना मिल में नहीं डाल पाते हैं। पिछले तीन सालों से गन्ना मूल्य में फूटी कौड़ी की वृद्धि नहीं की गई है। अगले पेराई सत्र के लिए भी किसान अच्छे खासे मूल्य वृद्धि की आस लगाए बैठे हैं।
नहीं मिली गंगा के कटान से निजात
उत्तराखंड के बाद गंगा यूपी में सबसे पहले बिजनौर में ही प्रवेश करती है। पहाड़ों पर बारिश का पानी यहां तेज गति से आता है और तटीय गांवों में तबाही मचाता है। हर साल किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन कटकर गंगा में समा जाती है। कटानरोधी कार्य कराने के लिए एक दशक पुराने प्रस्ताव को भाजपा सरकार में ही मंजूरी मिली, लेकिन बजट अब तक जारी नहीं हुआ है। इससे हजारों किसान कटान का दंश झेलने अब भी झेलने को मजबूर हैं। हालांकि सरकार ने गांव डैबलगढ़ के सामने पीपे का पुल बनाकर खादर के किसानों को बड़ी राहत दी है।
गड्ढामुक्त सड़कों का सपना कब होगा साकार
भाजपा सरकार बनने पर पहली बार सड़कों के गड्ढे भरने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया था। यह अभियान तब से लगातार चल रहा है लेकिन सड़कों के गड्ढे हैं कि खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी मिसाल दिल्ली पौड़ी नेशनल हाईवे बैराज रोड है। इस सड़क से मुजफ्फरनगर का करीब 55 किलोमीटर का सफर तय करने में भी दो घंटे लग जाते हैं। गांवों और शहरों की भी सड़कें कई जगह पर बदहाल हैं। गड्ढे या तो हवा में भरे जाते हैं या फिर इन्हें इस तरह भरा जाता है कि साल भर से पहले ही फिर से ठेकेदार को गड्ढे भरने का काम मिल जाए।