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पीपों के पुल से जुड़ सकते है शुक्रताल से

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मंडावर में गांव डैबलगढ़ के सामने गंगा पर बनाया जा रहा पीपे का पुल। - फोटो : BIJNOR
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शैलेंद्र गौड़
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बिजनौर। किसानों की मदद के लिए डैबलगढ़ में गंगा के ऊपर बन रहा पीपों (नाव) का पुल जिले के लिए वरदान बन सकता है। इस पुल के पार तीन किमी अगर सड़क बन जाए तो पुल सीधे शुक्रताल तीर्थ से जुड़ जाएगा। यहां से आने वाले दिनों में हाइवे भी बनने की उम्मीद हैं। जिले के जनप्रतिनिधियों ने पुल और सड़क बनाने का बीड़ा उठाया है। सड़क बनने से शुक्रताल तक आसानी से पहुंचा जाएगा वहीं मुजफ्फनगर की दूरी भी 30 किमी घट जाएगी।
मंडावर क्षेत्र के गांव डैबलगढ, राजारामपुर, बादशाहपुर, बीरूवाला, चाहड़वाला समेत एक दर्जन गांव के लोग गंगा पार खेती करने व पशुओं के लिए चारा लेने जाते थे। बरसात के मौसम में गंगा के उफान पर होने पर जान हथेली पर रखकर से गंगा पार करते थे। दो नाव को जोड़कर उसमें ट्रैक्टर व चारा से लदी बुग्गी रखकर लाते थे। कई बार ऐसा करते हुए तमाम लोग गंगा में भी डूब गए है। जब तक लोग गंगा पार से खेतों से सही-सलामत नहीं लौटते थे परिजनों की सांसे अटकी रहती थी। डैबलगढ़ के सामने इस समस्या से निजात पाने के लिए गंगा के ऊपर पुल बनाने की काफी दिनों से कवायद चल रही थी।
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16 अक्तूबर को प्रभारी मंत्री कपिल देव ने पुल का शिलान्यास किया। इसके बाद से पुल को बनाने का काम तेज हुआ। 209.86 लाख की लागत से 800 मीटर लंबा पुल जल्द बनने की उम्मीद है। पुल बनने से खादर के गांवों के ये लोग आसानी से गंगा पार खेती करके चारा ला सकेंगे। इसके साथ यह पुल जिले के लोगों को तीर्थ नगरी शुक्रताल से भी जोड़ देगा। इसके लिए गंगा पार एप्रोच रोड बनाने की जरूरत है। गांव वालों की माने तो पुल पार करने के बाद शुक्रताल की पांच किलोमीटर की दूरी हैं। शुक्रताल लोग आसानी से पहुंच सकेंगे। इसके साथ मुजफ्फरनगर की दूरी भी तीस किमी घट जाएगी। पीपे का ये पुल आने वाले दिनों में पक्का बन सकता हैं। अधिकारी भी मानते है कि पक्का होने पर पुल से नया हाइवे भी बन जाएगा। ये जिले के लिए बड़ा काम होगा। जिले के जनप्रतिनिधियों ने गंगा के पार सड़क बनाने का बीड़ा उठाया हैं।
विधायक ने कहा जल्द बनेगी सड़क
बिजनौर विधायक सुचि मौसम चौधरी के मुताबिक गंगा पार वे शुक्रताल को जोड़ने के लिए जल्द सड़क बनवाएंगी। इसके वे प्रयास में जुट गई हैं। जिस विभाग की सड़क होगी। उससे वे सड़क बनवाएगे। पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि के मुताबिक पुल के पर शुक्रताल को जोड़ने के लिए सड़क बनवाने के लिए वे जुट गए है। शासन स्तर पर इस मामले को रखेंगे। सड़क बनने से जिले के लोगों को फायदा होगा।
गंगा में डृबे थे 27 लोग
2018 में बरसात के दिनों में नाव से गंगा पार करते समय 27 लोग गंगा में डूब गए थे। दस को बचा लिया गया था। छह लोगों के शव मिले थे। चार के शव नही मिल पाए थे। ये सभी लोग नाव में चारा लेकर आ रहे थे।
सड़क बनने से होगा फायदा
गांव राजारामपुर निवासी जीत सिंह, ऋषिपाल सिंह, डैबलगढ़ निवासी सुखराम सिंह को कहना है कि अगर पुल के पार सड़क बन जाए तो उन्हे आसानी होगी। मुजफ्फरनगर व शुक्रताल आसानी से जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि वे सड़क बनाने की मांग कर चुके है। बिजनौर की ओर तो दयालवाला में मुख्य सड़क से आसानी से जुड़ सकते है। गंगा पार सड़क नहीं है।
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पहले भी बनता था रावली पर नाव का पुल
पहले भी नाव का पुल रावली के सामने गंगा पर बनता था। बैराज बनने के बाद 80 के आसपास से बनना बंद हो गया। रावली के सामने बने पुल को पार कर तीन किमी चलकर मोरना पहुंच जाते थे। उस समय शुक्रताल भी पांच किमी के आसपास पड़ता था।

मंडावर में गंगा खादर में गंगा में जोड़े वाली नाव से निकलकर जाती ट्रैक्टर ट्राली।- फोटो : BIJNOR

मंडावर में गंगा की धारा से बैल बुग्गी लेकर जाता किसान।- फोटो : BIJNOR

किरतपुर में एसपी डा.धर्मवीर सिंह के नेतृत्व में फ्लैग मार्च निकालती पुलिस।- फोटो : BIJNOR

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