घर के आंगन में चढ़ेगी सेहत की बेल
बिजनौर। अब घर के आंगन में ही अच्छी सब्जियों का उत्पादन होगा। घर के आंगन में विकसित होने वाले किचन गार्डन में उत्पादित सब्जियां पूर्ण रूप से जैविक होंगी। आंगन में उत्पादित सब्जियों के प्रतिदिन सेवन से लोग स्वस्थ रहेंगे, वहीं घर की रसोई का बजट भी घटेगा। इसके लिए जिला उद्यान विभाग ने नई पहल शुरू की है। उद्यान विभाग की ओर से जनपद के छह हजार लोगों को जायद की सब्जियों के बीज की मिनी किट वितरित की जाएंगी।
स्वस्थ शरीर के लिए शुद्ध, ताजी और अच्छी सब्जियों का सेवन बहुत महत्वपूर्ण है। अब जायद फसल की सभी सब्जियां आप के आंगन में ही मिल जाएंगी। जैविक सब्जियों की फसलों की बुवाई के लिए उद्यान विभाग बढ़ावा दे रहा है। विभाग की ओर से जनपद में सब्जियां उत्पादित करने को मिनी किट उपलब्ध कराई जानी हैं। किचन गाडर्न के रूप में व्यक्ति अपने घर के आंगन या छत पर गमले में सब्जियों का उत्पादन कर सकता है। 200 रुपये की इस उन्नत बीज किट पर 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। यह किट अप्रैल माह के पहले दिन से ही किसान व अन्य लोगों को वितरित की जाएंगी। जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि मिनी किट में करेला, लौकी, तोरई, टमाटर, बैंगन, धनिया, मिर्च आदि उन्नत प्रजाति के बीज शामिल रहेंगे।
बुवाई के लिए यह उचित समय
अफसरों के अनुसार जायद फसलों की बुवाई अप्रैल माह के पहले दिन से आरंभ हो जाती है। घरों के आंगन या गमलों में खाद-रेत की सही तरह से मिश्रण करने के उपरांत बीज रोपित करें। बेल वाली सब्जियों की बेल फैलने की अच्छी व्यवस्था रहे। इसकी बुवाई के अप्रैल के अंतिम या मई के पहले सप्ताह तक जरूर कर लेनी चाहिए।
बीस रुपये में दी जाएगी बीज किट
जायद फसल में उत्पादित होने वाली सब्जियों को मिनी किट अप्रैल माह के पहले सप्ताह से ही लोगों को वितरित की जाएंगी। इनका वितरण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। एक मिनी किट 200 रुपये की है, लेकिन 90 प्रतिशत अनुदान पर इसकी कीमत 20 रुपये है - जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी