तेजपाल सिंह पुत्र हरि सिंह गांव सूफीपुर अंगद उर्फ मुगलवाला के रहने वाले हैं। द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज लिमिटेड बुंदकी में 26 दिसंबर 1995 को ट्रेनी क्लर्क के पद पर नौकरी की शुरूआत करने वाले तेजपाल सिंह वर्तमान में समय कार्यालय में अपर प्रबंधक पर्सनल के पद पर कार्यरत हैं। बताते हैं कि वे हमेशा अपने काम पर समय से पहले पहुंचते हैं। कंपनी की ओर से साप्ताहिक छुट्टी, पर्व पर अवकाश के अतिरिक्त भी एक वर्ष में 45 छुट्टियों का प्रावधान है। मगर, उन्होंने 1995 से 2021 तक मात्र एक छुट्टी 18 जून 2003 को अपने छोटे भाई की शादी में ली थी।
रविवार को भी जाते है कार्यालय
तेजपाल बताते हैं कि रविवार और त्योहार पर भी अक्सर कार्यालय जाते हैं। कोई घरेलू काम हुआ तो रविवार को थोड़ा समय निकालकर कार्य निपटाते हैं। कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिशासी उपाध्यक्ष (वर्क्स) एनके खेतान और उप महाप्रबंधक पर्सनल एलबी सिंह की ओर से उन्हें इस संबंध में प्रमाण पत्र दिया गया है। इसके आधार पर उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में इसी सप्ताह दर्ज हुआ है।
पिता की सीख बनीं प्रेरणा
तेजपाल सिंह बताते हैं कि उनके पिताजी हरि सिंह उन्हें काम से अनावश्यक छुट्टी नहीं लेने की सीख देते थे। उनके गांव से चीनी मिल करीब 12 किलोमीटर दूर है। गांव से बस के मुख्य मार्ग तक आने जाने के लिए यातायात का कोई साधन नही होने पर उनका छोटा भाई मनोज कुमार प्रतिदिन उन्हें बाइक से बस मार्ग पर छोड़ता है और वापसी में लेकर जाता है। पत्नी प्रवेश देवी भी उन्हें पूर्ण सहयोग देती हैं।
ट्रेनी क्लर्क से अपर प्रबंधक तक का सफर
तेजपाल सिंह ने ट्रेनी क्लर्क के रूप में नौकरी की शुरूआत की थी। उनकी मेहनत और लगन को देखकर कंपनी प्रबंधन भी उन्हें आगे बढ़ाता रहा और वर्तमान में वे अपर प्रबंधक पर्सनल के पद पर कार्यरत हैं।