बाढ़ नियंत्रण : बरसात से पहले चार नदियों पर बनेंगे स्टड
बिजनौर। गंगा खादर इलाके को इस बार बाढ़ का दंश नहीं झेलना होगा। गंगा नदी की परियोजना के लिए 61 करोड़ रुपया नाबार्ड ने इसी महीने मंजूर किया है। गंगा और फीका समेत चार नदियों पर स्टड बनाए जाने काम बरसात से पहले पूरा किया जाने की कवायद चल रही है।
61 करोड़ की गौंसपुर परियोजना पर भी कई सालों से बजट का इंतजार था। दो साल पहले यह परियोजना मंजूर हो गई थी। बता दें कि पहाड़ से मैदानी इलाके में गंगा सबसे पहले बिजनौर में ही प्रवेश करती है। वहीं, उत्तर दिशा में शिवालिक पहाड़ियों के होने की वजह से भी सहायक नदियों की भरमार है। गंगा और उसकी सहायक नदियों का उफान जिले के लोगों को डराता रहता है। बाढ़ से सबसे ज्यादा गौंसपुर और उससे नीचे बसे हुए दर्जनभर गांव प्रभावित होते हैं। अबकी बार भी गौंसपुर के सरकारी स्कूल तक गंगा ने कटान किया। पूरे गांव पर खतरा मंडाराने लगा था। यह पिछले कई सालों से चल रहा है। गौंसपुर और मिर्जापुर, कुंदनपुर, सीमली, फतेहपुर सभाचंद, रघुनाथपुर आदि दर्जनभर गांवों को बचाने के लिए स्टड निर्माण को 61 करोड़ रुपया मंजूर हुआ है। इस साल बरसात से पहले काम को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
जटपुरा रजबहे पर खर्च होंगे दो करोड़
जटपुरा रजबहे पर बरसात के दिनों में गांव बेरखेड़ा, महावतपुर, जटपुरा, शेरगढ़ समेत आधा दर्जन से अधिक गांवों के जंगल में पानी भर जाता है। जटपुरा रजबहे पर शीघ्र ही एक करोड़ 84 लाख रुपये की लागत से बाढ़ से बचाव के कार्य कराए जाएंगे। इस महीने के अंत तक काम शुरू कर दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन की बैठक हुई। जिसमें बाढ़ चौकी बनाने समेत विभागों को उनकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। बाढ़ की स्थिति में स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने और चारे की व्यवस्था को लेकर भी दिशा निर्देश दिए गए हैं। फीका और रामगंगा नदी की बाढ़ से बचाने के लिए इस बार स्टड बनाए जाने हैं। जहां जल्द ही काम चालू हो जाएगा। दोनों ही नदियों पर स्टड और अन्य बाढ़ निरोधी काम कराने के लिए बजट मंजूर हुआ है।
गंगा की परियोजना समेत जिले की चार नदियों पर बाढ़ से निपटने के लिए कार्य कराए जाने हैं। जिसकी मंजूरी मिल गई है। बरसात से पहले काम पूरा करने का प्रयास रहेगा - राकेश कुमार, अधिशासी अभियंता
बाढ़ से निपटने के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों की सूची मांगी गई है। ताकि वहां समय रहते इंतजाम कराए जा सकें। जिन योजनाओं का बजट मिला है, वहां काम जल्द शुरू कराया जाएगा - अरिवंद कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व