दशहरी के गढ़ में अंबिका और अरुणिका की दस्तक
ब्रजवीर चौधरी
बिजनौर। बिजनौर जिले में यूं तो दशहरी आम का राज माना जाता है, अब दशहरी के गढ़ में अंबिका और अरुणिका भी घुसपैठ करने जा रही है। जिले में दशहरी आम के साथ आम की प्रजाति अंबिका व अरुणिका की सुगंध भी महकेगी। इसके लिए जनपद की राजकीय पौधशाला में आम की प्रजाति अंबिका व अरुणिका के मदर पौधे तैयार किए जा रहे हैं। आम की इन प्रजातियों की जनपद में मांग बढ़ रही है। अभी तक इनके पौधे बाहर से ही मंगवाए जाते हैं।
जनपद में करीब 9138 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आम के बाग हैं। मंडावर, किरतपुर आदि क्षेत्रों में सबसे ज्यादा आम के बाग हैं। इनमें 50 प्रतिशत दशहरी आम के बाग हैं। यहां का आम जनपद ही नहीं अन्य राज्यों में भी सप्लाई होता है। जनपद की सरकारी पौधशाला में अंबिका एवं अरुणिका आम के पौधे नहीं थे। यदि बागवान को इन प्रजातियों के पौधों की जरूरत होती थी, तो पौध बाहर से मंगाते थे। बगवानों की मांग पर दोनों प्रजातियां कि पिछले साल से जनपद की राजकीय पौधशाला पृथ्वीपुर में मदर प्लांट तैयार किए जा रहे हैं। पिछले साल हजारों पौधे तैयार की है। यह करीब तीन साल बाद अर्थात अगले सीजन में बाग के रूप में रोपित की जा सकेंगी।
वातावरण के अनुरूप है अंबिका, अरुणिका
जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि अंबिका एवं अरुणिका के पौधे के लिए यहां का वातावरण अनुकूल हैं। अच्छी अंबिका का वजन करीब तीन सौ ग्राम तक रहता है। राजकीय पौधशाला में पिछले साल से मदर प्लांट तैयार किए जा रहे हैं। दोनों प्रजाति के पौधों की जनपद में मांग बढ़ रही है। इस साल भी काफी मदर पौध तैयार की है। जनपद में बागवानी के लिए विभाग व शासन की ओर से बढ़ावा दिया जा रहा है। पिछले सीजन में नए बाग रोपित किए गए थे। इस बार भी लक्ष्य अभी आया नहीं है। बाग रोपित करने के लिए विभाग से जो अनुदान आता है। वह बागवानों को दिया जाता है।
जनपद में बाग करीब दस हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में है। जनपद में दशहरी आम के बाग ज्यादा हैं। कई सालों से अंबिका एवं अरुणिका आम प्रजाति के पौध की मांग बढ़ रही है। पिछले एक साल से जनपद में अंबिका व अरुणिका आम प्रजाति के मदर पौधे तैयार किए जा रहे हैं। जोकि तीन साल बाद पौध रोपित की दी जाएंगी - जितेंद्र कुमार, जिला उद्यान अधिकारी