बिजनौर। समाजवादी पार्टी बिजनौर जिले में जाट समीकरण मजबूत करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। पार्टी पीडीए फार्मूले के साथ अब जाट मतदाताओं को साधने में जुटी है, क्योंकि बिजनौर विधानसभा क्षेत्र में जाट समाज निर्णायक भूमिका में माना जाता है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सपा ने कई प्रभावशाली नेताओं को पार्टी में शामिल कर संगठन को मजबूती देने का प्रयास किया है।
हाल ही में अनुज मलिक के सपा में शामिल होने के बाद अब राहुल सिंह ने भी भाजपा छोड़कर सपा का दामन थाम लिया है। सपा में शामिल होने के उपरांत अनुज मलिक ने जिला मुख्यालय पर बड़ा सम्मेलन किया था, जिसमें मुख्य अतिथि मुजफ्फरनगर के सांसद हरेंद्र मलिक रहे थे। सम्मेलन में आने वाली भीड़ में जाट समाज के लोग ज्यादा देखे गए। चर्चा है कि एक और जिले में बड़ा सम्मेलन होने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेता आगामी विधानसभा चुनाव में बिजनौर सीट से टिकट के दावेदार माने जा रहे हैं। राजनीतिक जानकार इसे जाट वोट बैंक को साधने की सपा की बड़ी रणनीति के रूप में देख रहे हैं। मुनिदेव शर्मा ने थामा सपा का दामन : जनपद के वरिष्ठ नेता एवं राजनीति के रणनीतिकार कहे जाने वाले मुनिदेव शर्मा ने भाजपा को छोड़कर सपा की साइकिल पर सवार हो गए। उन्होंने बताया कि वर्ष 1993 में चांदपुर सीट से विधानसभा का चुनाव भी लड़ा रहा है। रालोद में रहते वह एक बार जिला सहकारी बैंक के प्रशासक भी रहे हैं। सहकारी राजनीति में अच्छी समझ व पकड़ वाले जाने जाते हैं। वह भाजपा, रालोद, कांग्रेस में भी रहे हैं।ि