जिला अस्पताल में बच्चों के लिए अलग वार्ड बनेगा
बिजनौर। कोविड-19 के संक्रमण से बच्चों के बचाव एवं इलाज के लिए जिला अस्पताल में पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) स्थापित किया जाएगा। इसके लिए जगह का चयन कर लिया गया है। पीआईसीयू में बाल रोग विशेषज्ञों एवं अन्य स्टाफ की ड्यूटी लगाई जाएगी। अफसरों के अनुसार शासन ने बनाने के लिए हरी झंडी दे दी है। जिला अस्पताल प्रशासन इसे बनाने की तैयारियों में जुट गया है।
अभी तक जनपद बिजनौर में पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) नहीं है, जिस कारण इससे संबंधित बच्चों को हायर सेंटर जाने पर ही मजबूर होना पड़ता है या फिर निजी चिकित्सकों का ही सहारा लेना पड़ता है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए शासन-प्रशासन ने इंतजाम शुरू कर दिए हैं। जिला चिकित्सालय में बच्चों के लिए दस बेड का पीडियाट्रिक इनटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) सेंटर बनाया जाएगा।
सीएमएस डा. मनोज सेन ने बताया कि विशेषज्ञों के मुताबिक, संभावित तीसरी लहर महिलाओं और बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक होगी। इसी के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए शासन ने इस संबंध में निर्देशित कर दिया है। इसके लिए बाल रोग विशेषज्ञों सहित एक अलग से टीम बनाई जाएगी, जो इसके पर्यवेक्षण एवं प्रभावी संचालन की व्यवस्था करेगी। जिला चिकित्सालय में ऑक्सीजन प्लांट के माध्यम से ऑक्सीजन की भी पर्याप्त व्यवस्था रहेगी, जिससे आवश्यकता पड़ने पर ही बच्चे को तुरंत जीवनदायिनी ऑक्सीजन लगाई जा सके।
जिला महिला अस्पताल में पहले से ही है एसएनसीयू
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डा. प्रभा रानी ने बताया कि अस्पताल में पीआईसीयू नहीं है, जबकि सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) स्थापित है। इसमें 11 बेड की व्यवस्था है और 16 बेड का मदर न्यू बोर्न केयर यूनिट एमएनसीयू बनना शेष है। कोरोना महामारी से पूर्व इसका प्रस्ताव शासन को जा चुका है, अब केवल शासन स्तर से मंजूरी मिलने की देरी है। वर्तमान में जिला महिला अस्पताल में दो बाल रोग विशेषज्ञ हैं, जिनमें डा. विभू शर्मा और डा. कपिल राठी शामिल हैं।