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माध्यमिक विद्यालय पोलिंग पार्टी रवानगी व मतगणना केन्द्र नहीं बनेंगे

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बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में माध्यमिक विद्यालय पोलिंग पार्टी रवानगी और मतगणना केंद्र नहीं बनेंगे। प्रशासन पंचायत निर्वाचन के लिए नए स्थान चिह्नित करने में जुटा है। स्थल चयन के मानक तय हैं। जांच बाद ही निर्वाचन स्थल फाइनल होगा। डीएम रमाकांत पांडेय ने अधिकारियों के साथ चार ब्लॉक के स्थानों का निरीक्षण कर लिया है।
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सूबे में पंचायत चुनाव तथा यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा अप्रैल में होंगे। पंचायत चुनाव 25 अप्रैल से पहले होने हैं। चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। तारीखों का ऐलान होना बाकी है। बोर्ड की परीक्षाएं 24 अप्रैल से हैं। परीक्षा की तैयारी भी चल रही है।
पंचायत चुनाव में माध्यमिक विद्यालयों के भवनों का प्रयोग होता रहा है। विद्यालयों को पोलिंग पार्टी रवानगी व मतगणना केंद्र बनाया जाता है। परंतु इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा पंचायत चुनाव के तुरंत बाद है। परीक्षा करीब एक माह चलती हैं। इसलिए इस बार पंचायत चुनाव में माध्यमिक विद्यालयों को पंचायत चुनाव के उपयोग के लिए अधिग्रहित नहीं किया जाएगा।
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निर्देशों के अनुसार डिग्री कॉलेज व सरकारी संस्थानों को पोलिंग पार्टी रवानगी व मतगणना केंद्र बनाया जाएगा। यदि कहीं सरकारी भवन आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त नहीं है तो खुले में पंडाल लगाकर चुनावी कार्य होगा। स्थल चयन के मानक तय हैं। जिले में प्रधान क्षेत्र पंचायत सदस्य व ग्राम पंचायत सदस्य की मतगणना सभी 11 ब्लॉक में होगी।
जिले में 1123 पंचायतों के प्रधान, 1393 क्षेत्र पंचायत सदस्य व 14066 ग्राम पंचायत सदस्य के वार्ड की मतगणना ब्लॉक में होनी है। शासन से त्रिस्तरीय जांच के निर्देश हैं। सबसे पहले संबंधित ब्लॉक के बीडीओ जांच करेंगे। उसके बाद तहसील एसडीएम अपनी तहसील की पंचायतों के स्थल की जांच करेंगे। अंत में डीएम अधिकारियों की टीम के साथ निरीक्षण करके मंजूरी देंगे। सीडीओ केपी सिंह ने बताया कि स्थलों का चयन अंतिम चरण में हैं। मंगलवार को डीएम रमाकांत पांडेय ने मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक के आईटीआई स्थल, हल्दौर ब्लाक परिसर, नहटौर ब्लाक परिसर, तथा नूरपुर मंडी स्थल का निरीक्षण किया है।
आपत्ति निस्तारण की प्रक्रिया लंबी
बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण पर आई आपत्तियों का निस्तारण बुधवार से शुरू हो गया है। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि कुल आपत्ति 565 हैं। इनमें प्रमुख क्षेत्र पंचायत तीन, प्रधान 437, जिला पंचायत सदस्य 75, ग्राम पंचायत सदस्य 13, तथा क्षेत्र सदस्य 37 हैं। उन्होंने बताया कि हर आपत्ति के निस्तारण में निस्तारण करने का कारण देना होता है। साथ ही यह स्पष्ट करना होता है, किस शासनादेश या नियम के तहत निस्तारण हुआ है। बताया कि 12 मार्च को आपत्ति निस्तारण फाइनल करेंगी। कमेटी के अध्यक्ष डीएम रमाकांत पांडेय हैं। सीडीओ केपी सिंह, डीपीआरओ सतीश कुमार, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सदस्य हैं।
समर्थकों के साथ आए आपत्तिकर्ता
बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण पर आईं आपत्ति का निस्तारण का बुधवार को पहला दिन था। तमाम आपत्तिकर्ता अपने समर्थकों के साथ विकास भवन के परिसर में जमे थे। सबसे अधिक बेताबी प्रधान पद के आपत्तिकर्ताओं में थे। सभी आपस में आरक्षण के आधार के क्रियान्वयन पर चर्चा कर रहे थे। पंचायत में आरक्षित श्रेणी की संख्या कम होने पर चर्चा सबसे अधिक थी।
आरक्षण के लिए दो वोट जरूरी
बिजनौर। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि आरक्षण में नियमों का अक्षरश: पालन हुआ है। बताया कि पंचायत के किसी भी श्रेणी में आरक्षित होने के लिए क्षेत्र में उस श्रेणी के कम से कम दो वोट होने जरूरी हैं।
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