पेद्दा गांव में जाने से रालोद कार्यकर्ताओं को रोकती पुलिस।
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बिजनौर में पुलिस ने सोमवार को गांव पेद्दा जा रहे रालोद नेताओं को गांव से बाहर ही रोक लिया। पुलिस ने गांव के अंदर नहीं जाने दिया।
रालोद के वेस्ट यूपी के अध्यक्ष व पूर्व सांसद मुंशीराम पाल, नगर पंचायत मंडावर के पूर्व अध्यक्ष व रालोद नेता अली अदनान, महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी समेत कई नेता सोमवार गांव पेद्दा में पीड़ितों का हाल जानने के साथ गांव में शांति बहाल सांप्रदायिक सद्भावना स्थापित करने के लिए जा रहे थे। गांव से बाहर ही रालोद नेताओं को पुलिस ने रोक लिया और गांव के अंदर नहीं जाने दिया। रालोद नेताओं के मुताबिक बिजनौर की धरती सदैव गंगा जमुना तहजीब की अनूठी मिसाल रही है। इस सौहार्द को किसी भी कीमत पर खराब नहीं होने दिया जाएगा। रालोद हमेशा धर्म निरपेक्ष की विचारधारा रखने और सर्वसमाज के उत्थान का कार्य किया है। पेद्दा की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने शासन प्रशासन से पीड़ितों को हरसंभव मदद दिलाने की मांग की। हाजी मुमताज, मुंशी सुबहान, वाजिद हुसैन, मोहम्मद अनवर, मो. हनीफ, वाजिद इस्लामुददीन आदि रहे।
गांव जाकर भाकियू हकीकत जानेगी
बिजनौर। भाकियू का प्रतिनिधिमंडल पेद्दा गांव में जाकर घटना की हकीकत जानेगा। प्रतिनिधिमंडल में समाज के सभी वर्ग व बिरादरी के लोग शामिल होंगे। संगठन के जिलाध्यक्ष रामऔतार सिंह के मुताबिक पेद्दा कांड से आपसी प्रेम व सौहार्द को नुकसान पहुंचा है। राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के जिले के दौरे के दौरान हर वर्ग का व्यक्ति मिला था। यूनियन के शीर्ष नेत़ृत्व ने पेद्दा गांव में जाकर हकीकत जाने का निर्णय लिया। प्रतिनिधिमंडल गांव की रिपोर्ट शीर्ष नेतृत्व को सौंपेगा। जिलाध्यक्ष के अनुसार घटना दुखद है। सभी को यही रहना हैं।