कोतवाली देहात। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सर कार्यवाह आलोक कुमार ने स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय एकता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने अधिकारों के उपयोग के साथ कर्तव्यों के निर्वहन का भी आह्वान किया। सह सर कार्यवाह रविवार को संघ की स्वामी विवेकानंद शाखा के वार्षिकोत्सव में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे।
कोतवाती देहात में आयोजित कार्यक्रम में आलोक कुमार ने कहा कि भारतीय संस्कृति की जड़ें 40 हजार साल पुरानी हैं। देश के प्रत्येक नागरिक में देशभक्ति तथा देश की संस्कृति के प्रति सम्मान का भाव होना चाहिए। जब-जब देश में देशभक्ति की कमी आई है, तभी देश गुलाम हुआ है। कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में प्रत्येक व्यक्ति को समानता का अधिकार है। यहां जाति बंधन, भेदभाव नहीं है। देश में आने वाली किसी भी आपदा में स्वयंसेवक अपनी सेवा देते हैं। स्वयंसेवक बाढ़, सूखा, भूकंप जैसी आपदाओं में योगदान देते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम भारतीय संस्कृति की पहचान रही है। आज भी भारतीय वसुधैव कुटुंबकम की परंपरा को निभा रहे हैं। प्रत्येक व्यक्ति अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है। हमें अपने कर्तव्यों को भी समझना होगा। देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए हमें अपने कुटुंब की छोटी-छोटी बातों को नजर अंदाज करना चाहिए। दुनिया को पहली किताब तथा लिपि भारतीय संस्कृति ने ही दी। उन्होंने कहा कि सबसे पहले मकान भी भारतीय संस्कृति में ही बने। हमें अपनी संस्कृति के मूल्यों को समझना चाहिए। उन्होंने स्वयंसेवकों को एकता का पाठ पढ़ाया। कार्यक्रम में आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग भी पहुंचे। कार्यक्रम में मुख्य शिक्षक निखिल कुमार, अंकित कुमार, दिव्यम कुमार, हैप्पी कु़मार, राहुल कुमार, धर्मेंद्र ढाका, क्रांति कुमार, मुकेश कुमार, सत्येंद्र कुमार, संजय कुमार आदि उपस्थित रहे।
स्वयंसेवकों ने शारीरिक क्रियाओं का किया प्रदर्शन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विवेकानंद शाखा के वार्षिक उत्सव में 110 स्वयंसेवक गणवेश में उपस्थित रहे। 66 स्वयंसेवकों ने शारीरिक क्रियाओं का प्रदर्शन किया। वार्षिक उत्सव में संघ की 100 वर्ष की यात्रा पर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र चौहान बॉबी, प्रदेश मंत्री अनूप वाल्मीकि, मूलचंद त्यागी, सुभाष शर्मा, अंशुल शर्मा, जोगेंद्र कुमार, दिव्यम, हैप्पी कुमार आदि मौजूद रहे।