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खुद को साबित करें बेटियां, तभी बनेंगी अपराजिता

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खुद को साबित करें बेटियां, तभी बनेंगी अपराजिता
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बिजनौर। सभी शक्तियां हमारे अंदर मौजूद हैं, जरूरत है उन्हें महसूस करने और जागृत करने की। बेटियों को शारीरिक रूप से नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत होना है। बेटियां खुद को साबित करें, तभी वे अपराजिता बन सकेंगी। अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं में साहसी बनाने के लिए प्रेरित किया गया। स्वावलंबन से लेकर अधिकारों के प्रति भी छात्राओं को जागरूक किया।
बुधवार को विवेक कॉलेज में अमर उजाला की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के आगे दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। संचालन कर रहीं प्रोफेसर शालिनी ने कोमल हैं कमजोर नहीं तू, शक्ति का नाम ही नारी है, जग को जीवन देने वाली मौत भी तुझसे हारी है...इन लाइनों के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। छात्राओं को महिला हेल्प लाइन समेत अन्य नंबर नोट कराए गए। जिससे विपरीत हालातों में पुलिस की मदद ले सकें। छात्राओं को समझाया गया कि कैसे उन्हें सुरक्षा के दायरे मेें रहकर स्वावलंबी बनना है। नारी आगे बढ़ेगी तो परिवार का विकास होगा, परिवार के विकास से समाज और देश का विकास होगा। कार्यक्रम में सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता, प्राचार्य दीप्ति डिमरी, प्रभारी निरीक्षक महिला थाना पुष्पा देवी और हितेश शर्मा मौजूद रहे।
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जिस समाज ने भी विकास के चरम को छुआ है, उसमें नारी की सहभागिता रही है। समाज ही नहीं संस्कृति के विकास में नारी का अहम योगदान रहा। आप जैसी भी हैं, वही बेहतर है। किसी से तुलना मत करिए। नारी को खुुद का नहीं बल्कि समाज का भी विकास करना है। अपनी बातों को मजबूती से रखना सीखना होगा - कुलदीप गुप्ता, सीओ सिटी
पहली गुरु मां होती है, समस्या है तो पहले मां को बताएं, नहीं बता सकती हैं तो महिला हेल्प लाइन नंबर पर बताएं। जिस पर महिला ही आपकी शिकायत सुनेंगी। पहचान भी गोपनीय रहेगी। यह भी नहीं कर सकती हैं तो पर्सनल आकर मिलें और परेशानी बताएं। सुरक्षा की भावना में ही विकास संभव है - पुष्पा देवी, प्रभारी निरीक्षक महिला थाना
निर्णय लेने में सक्षम होनर चाहिए, महिलाओं का सशक्त होना ही समाज का सशक्त होना है। अभी कुछ निर्णयों पर परिवार के पुरुषों की मुहर लगना कमजोरी है। जिसके लिए खुद नारी ही जिम्मेदार है। शक्ति शारीरिक बनावट से नहीं, मानसिक मजबूती से भी जाहिर होती है - डॉ. दीप्ति डिमरी
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किसी भी हालात में मनोबल को मजबूत बनाएं रखें। मानसिक रूप से परेशानी होने पर समस्या को एक-दूसरे को बताएं। कोई भी आत्मघाती कदम उठाने से पहले सोचें। खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए। डटकर दिक्कतों का मुकाबला करें और अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ते रहें - हितेश शर्मा, कॉर्डिनेटर विवेक कॉलेज

बिजनौर के विवेक कॉलेज में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम को संबोधित करते सीओ कुलदीप गुप्ता।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर के विवेक कॉलेज में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम को संबोधित करती महिला थाना प्रभारी पु?- फोटो : BIJNOR

बिजनौर के विवेक कॉलेज में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम को संबोधित करती शिक्षिका शालिनी।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर के विवेक कॉलेज में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम को संबोधित करते शिक्षक डॉ हितेश शर्मा?- फोटो : BIJNOR

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