महंगाई के बीच बीस फीसदी तक बढे़ दवाइयों के दाम
बिजनौर। लोगों की सेहत पर भी महंगाई की मार पड़ रही है। शुगर, बीपी समेत तमाम जीवन रक्षक दवाओं के दामों में दस से 20 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। इससे पहले टीबी एवं अन्य बीमारियों की दवाओं के दाम दवा कंपनियों ने बढ़ाए थे। व्यापारियों के मुताबिक कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण दवाएं महंगी हुई हैं।
करीब डेढ़ साल से कोरोना की मार झेल रहे लोगों केे अब दवाई भी महंगे दामों पर खरीदने के लिए विवश होना पड़ रहा है। दैनिक उपयोग में आने वाली शुगर और बीपी की दवाइयों के दामों में वृद्धि हुई है। जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि दवा कंपनियों के मूल्य बढ़ाने पर ही व्यापारी दवाओं के दाम बढ़ाते हैं। उन्होंने बताया कि सभी लोग कोरोना काल में विभिन्न प्रकार से आर्थिक रूप से प्रभावित हुए हैं। इसका असर दवा कारोबार पर भी पड़ा है। उन्होंने सभी जिले भर के केमिस्टों से लोगों को जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध कराने को कहा है। यदि किसी केमिस्ट को कोई परेशानी है, तो वे उन्हें अवगत कराए, जिससे मामले का समाधान कराया जा सके।
वहीं, औषधि विक्रेता संघ बिजनौर के अध्यक्ष राजेश राणा उर्फ राजू का कहना है कि कच्चे माल की कीमतों में इजाफा होने के कारण कुछ दवा कंपनियों ने ही मामूली सी वृद्धि की है, जबकि नामचीन कुछ कंपनियों के दाम आज भी जस के तस हैं। खन्ना मेडिकल स्टोर के स्वामी शरद खन्ना ने बताया कि कुछ दवा कंपनियों ने जीवन रक्षक दवाओं के दाम बढ़ाए हैं। इसका बहुत ज्यादा असर नहीं है। उन्होंने बताया कि दो से पांच रुपये तक की वृद्धि हुई है। केके मेडिकल स्टोर के स्वामी कृष्ण कुमार अग्रवाल का कहना है कि ब्लड प्रेशर और शुगर की दवाइयों के दामों में वृद्धि हुई है। वर्तमान में 20 से लेकर 350 रुपये तक दस गोलियों का दवाई का पत्ता है। अब इनके मूल्य में दस से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।