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पीपो के पुल के उद्घाटन पर सियासत गरमाई, भाजपा नेता हुए लामबंद

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मंडावर में गांव डैबलगढ़ के सामने बनाया गया पीपे का पुल। - फोटो : BIJNOR
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बिजनौर। शुकतीर्थ को जोड़ने वाले डैबलगढ़ में गंगा के पुल पर बने पीपों के पुल के उद्घाटन को लेकर सियायत गरमा गई है। भाजपा नेताओं के साथ अधिकारियों ने भी भाकियू नेताओं के साथ ग्रामीणों के पुल के उद्घाटन के संबंध में कोई अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही है। पुल पर आवागमन फिलहाल बंद करवा दिया गया है। अब प्रभारी मंत्री विधिवत रूप से पुल का उद्घाटन करेंगे।
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मंडावर क्षेत्र के गांव डैबलगढ़, राजारामपुर, बादशाहपुर, बीरूवाला, चाहड़वाला समेत एक दर्जन गांव के लोग जान हथेली पर रखकर खेती करने गंगा पार जाते थे। दो नाव को जोड़कर उसमें ट्रैक्टर, ट्राली व चारा लदी बुग्गी रखकर लाते थे। इस समस्या से निजात पाने के लिए डैबलगढ़ के सामने गंगा पर पुल बनाने की कई साल से मांग हो रही थी। 16 अक्तूबर को जिले के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने पीपों के पुल का शिलान्यास किया। 209.86 लाख की लागत से 800 मीटर लंबा पुल बनकर तैयार हो गया। पुल शुक्रतीर्थ को जोड़ेगा। कई गांव के लोग इस पुल के सहारे गंगा पार से खेती कर सकेंगे।
शुक्रवार को भाकियू नेताओं के साथ खादर क्षेत्र की महिलाओं ने फीता काटकर पुल का उद्घाटन कर दिया था। उनका कहना था कि भाकियू नेता राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में 50 गांव के लोगों ने 20 अगस्त 2019 को डैबलगढ़ में 32 दिन तक आंदोलन किया था। इसकी बदौलत ही पुल अस्तित्व में आया है।
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यह बात भाजपा नेताओं को नागवार लगी और वे लामबंद हो गए। सूत्रों के मुताबिक भाजपा नेताओं ने अधिकारियों पर दबाव बनाया कि पुल का उद्घाटन कैसे कर दिया गया। शनिवार को पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सुनील सागर ने कहा कि शुक्रवार को डैबलगढ़ में गंगा पर पांटून पुल का उद्घाटन ग्रामीणों, किसानों व अन्य किसी संस्था ने बिना किसी अनुमति के किया है। इसके लिए कोई आवेदन नहीं किया, सूचना भी नहीं दी। उनके विभाग ने कोई अनुमति जारी नहीं की गई ।
इस संबंध में भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि ने कहा कि पुल को बंद कर दिया गया है। एक दो -दिन में जिले के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल पुल का विधिवत उद्घाटन करेंगे। तब पुल चालू होगा। एसडीएम विक्रमादित्य मलिक के मुताबिक पुल का अभी उद्घाटन नहीं हुआ हैं।
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वाहवाही लूटने में लगे कुछ स्थनीय नेता
खादर क्षेत्र में जिला पंचायत के चुनाव को लेकर भाकियू व अन्य दल के कई नेता सक्रिय हैं। ये नेता क्षेत्र में चुनाव की बिसात बिछा रहे हैं। पुल को लेकर भी राजनीति कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक पुल बनवाने को वाहवाही लूटने को लेकर कुछ नेताओं ने गांव वालो के साथ मिलकर पुल का उद्घाटन कराया ताकि पुल बनवाने का श्रेय उन्हें मिले। भाजपा नेता नहीं चाहते कि पुल बनवाने का श्रेय किसी और को मिले। इसलिए ये नेता पुल का उद्घाटन होते ही सक्रिय हो गए।
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मंदिर के लाउडस्पीकर से कराई पुल बंद होने की मुनादी
बिजनौर। डैबलगढ़ के मंदिर से शनिवार देर शाम प्रचार कर दिया गया कि पीपे के पुल को उदघाटन होने तक बंद कर दिया गया है। पुल पर कोई आवाजाही नहीं होगी। पुल का उदघाटन होने के बाद इस पर आवाजाही शुरू हो पाएगी। पुल बनाने वाले ठेकेदार की ओर से मंदिर के लाउड स्पीकर से यह प्रचार कराया गया।

शुक्रवार को मंडावर के गांव डैबलगढ़ में गंगा पर बने पुल कर उदघाटन करते गांव वाले और भाकियू नेता।- फोटो : BIJNOR

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