बिजनौर। जनपद में अब शादी समारोह से जुड़े लोगों के कोविड टेस्ट होंगे। इसके लिए शासन ने स्वास्थ्य अफसरों को निर्देशित किया है। शासनादेश के अनुरूप ही अफसरों ने एक्शन प्लान भी तैयार कर लिया है। इसके अंतर्गत अब बैंड वाले, केटरिंग, हलवाई, डेकोरेशन, डीजे वाले, फोटोग्राफर आदि के कोविड टेस्ट होंगे। वर्तमान में चल रहे शादियों के सीजन को लेकर यह व्यवस्था की गई है।
तमाम उपायों के बावजूद कोरोना संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है, फिर भी अधिकांश लोग कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं। सबसे आवश्यक दो गज दूरी, मास्क है जरूरी का भी नियमानुसार लोग पालन नहीं कर रहे हैं। शासन के निर्देश पर सामान्य लोगों के साथ अब विवाह मंडली में शामिल बैंड वाले, हलवाई, कैटर्स, डेकोरेशन, डीजे वाले, फोटोग्राफर आदि की कोरोना जांच करने के लिए जनपद में तहसीलवार सूची तैयार कराई जा रही है। इसके लिए सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। कोरोना सैंपल के नोडल अधिकारी डा. बीएस रावत के अनुसार इन लोगों की जब पूरे जिले की सूची तैयार हो जाएगी। इसके बाद सप्ताह के अलग-अलग दिन सैंपल शेड्यूल कराकर जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि उनके पास पूरे जिले में संचालित हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सैंपलिंग के लिए एक टीम गठित है। इसमें से एक लैब टैक्नीशियन, एक वार्ड ब्वॉय, और दो सहायक स्टाफ हैं। इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर दूसरी जगह का स्टाफ बुलाकर सैंपलिंग करा लेते हैं।
इतने लोगों की जांच कैसे हो पाएगी संभव
शासन ने विवाह मंडली के लोगों की जांच करने के तो निर्देश दिए हैं, लेकिन अगर इसके दूसरे पहलू पर नजर डालें तो इन सभी की कोरोना जांच कर पाना संभव नहीं है। एक अनुमान के अनुसार इन सब को शामिल कर जिले भर में लगभग आठ से दस हजार लोगों की सूची तैयार होगी। इसके अलावा रूटीन में भी कोरोना की जांच की जानी है। लोगों का मानना है कि शासन नई नई योजनाएं तो संचालित की हैं लेकिन धरातल पर इसका असर नहीं दिखाई देता।
व्यापारी नेता अरुण वर्मा बताते हैं कि पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य महकमा स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में काम करना बड़ा ही मुश्किल है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विभागीय कार्यों के साथ साथ कोरोना काल में उनका काम दोगुना हो गया है। ऐसे में इतने लोगों की जांच होना टेढ़ी खीर साबित होगा।
गांव भागैन निवासी सेवानिवृत्त अमीन राजपाल सिंह ने बताया कि सरकार की योजनाएं केवल कागजों में ही चलती हैं। इस कारण लोगों को इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने बताया कि कोरोना वैश्विक महामारी है। हम सभी को इससे मिल जुलकर लड़ना है। सरकार को सैंपलिंग बढ़ाने के साथ साथ स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ और अन्य संसाधनों का भी विस्तार से करना चाहिए। तभी शासन की योजनाओं का लोगों को लाभ मिल सकता है।