बिजनौर। जनपद के लोगों को दिल्ली और लखनऊ जाने के लिए पिछले 34 वर्षों में बिजनौर के हिस्से में दो एक्सप्रेस ट्रेनें आई हैं। इससे जनपद के लोगों की प्रदेश की राजधानी लखनऊ और देश की राजधानी दिल्ली जाने में आसानी हुई है। जानकारों का कहना है कि वर्ष 1980 के आसपास बस सेवा शुरू हुई थी। मुरादाबाद से बिजनौर आने वाली बसें वाया अमरोहा होकर आती थीं, लेकिन अब परिवहन व्यवस्था में काफी बदलाव आया है।
ग्राम भागैन निवासी बुजुर्ग राजपाल सिंह का कहना है कि 1970 में पढ़ाई के दौरान वे बैलगाड़ी से जाया करते थे। वर्ष 1980 में सुधार आया बसों में। अब तो काफी बेहतर है। वाया अमरोहा मुरादाबाद से बस आती थीं। सबसे पहले केवल मुरादाबाद से गजरौला के लिए इक्का-दुक्का बसें ही जाती थी। फिर नजीबाबाद से बिजनौर-गजरौला और मुरादाबाद ट्रेन शुरू हुईं।
नगर के मोहल्ला साहित्य विहार निवासी शशिमोहन शर्मा ने बताया कि 1995 में लखनऊ के लिए और 2004 में दिल्ली जाने के लिए गढ़वाल एक्सप्रेस का तोहफा मिला। इससे पूर्व यहां पर केवल मसूरी एक्सप्रेस ही चलती थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली और लखनऊ के लिए कम से कम दो-दो ट्रेनें और बढ़नी चाहिए। इसके अलावा हावड़ा और मुंबई के लिए भी बिजनौर से सीधी ट्रेन की व्यवस्था होनी चाहिए।
आवास विकास कालोनी निवासी डा. सुभाष शर्मा बताते हैं कि जब से हॉट मिक्स सड़कें बननी शुरू हुईं हैं, तब से बिजनौर के लोगों का विभिन्न स्थानों के लिए आवागमन बढ़ा है। वर्तमान में करीब करीब सभी गांव और कस्बे जिला मुख्यालय से जुड़ गए हैं। इससे परिवहन में क्रांति का सूत्रपात हुआ है। जगह-जगह बाइपास मार्ग बनने से यात्रा में समय कम लगने के साथ ही यात्रा आरामदायक भी हो गई है। अब अच्छी और लग्जरी बसें भी बिजनौर में ही यात्रियों को उपलब्ध होने लगी हैं। उन्होंने बताया कि परिवहन निगम के एमडी रहे कमल टावरी ने रोडवेज बस सेवा में काफी सुधार किया। उन्होंने बिजनौर में भी काफी सुधार किया।