कंबल कारखाने में तैयार 1200 कंबलों को बाजार मिलने का इंतजार
नजीबाबाद। शीत ऋतु शुरू होने के बावजूद कंबल कारखाने में निर्मित कंबलों को बाजार मिलने की प्रतीक्षा है। दो दशक बाद कंबल कारखाने में दो हजार कंबलों का निर्माण हो चुका है। मात्र 800 कंबल ही बाजार तक पहुंचे हैं।
खादी ग्रामोद्योग से संबद्ध बंद कंबल कारखाना नजीबाबाद का जीर्णोद्धार करीब दो वर्ष पूर्व शुरू हुआ था। कंबल कारखाने में करीब दो हजार से अधिक कंबलों का निर्माण किया जा चुका है। कंबल कारखाने में निर्मित कंबलों को शीत ऋतु शुरू होते ही बाजार मिलने की उम्मीद थी। लेकिन अब तक कंबल कारखाने में निर्मित 800 कंबलों की ही बिक्री हो पाई है। कारखाने में 1200 कंबल तैयार रखे हैं। सर्दी का मौसम में भी कंबलों के ऑर्डर न मिलने से कंबल कारखाने के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं।
कंबल कारखाने के प्रबंधक/ व्यवस्थापक राम कवांर का कहना है कि खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के कार्य पालक प्रमाणित संस्थाओं से संपर्क कर कंबलों की बिक्री के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने बताया कि कारखाने में ग्रेबैरक कंबल की कीमत 400 रुपए, सादे चेक कंबल की कीमत 463 रुपए और रंगीन चेक कंबल की कीमत 571 रुपए है। उन्होंने बताया कि गुणवत्ता की दृष्टि से नजीबाबाद कारखाने में निर्मित कंबल अपेक्षाकृत अन्य कंबलों से बेहतर हैं। उन्होंने जल्द ही कारखाने में रखे कंबलों को बाजार मिलने की उम्मीद जताई है।
धागा टेस्टिंग रिपोर्ट मिलते ही बनेंगे कंबल
नजीबाबाद। कंबल कारखाना नजीबाबाद में फिलहाल कंबल निर्माण रुका हुआ है। प्रबंधक राम कवांर ने बताया कि पानीपत से 2500 किलोग्राम धागा मंगाया गया है। गाजियाबाद के निटरा द्वारा धागे को टेस्टिंग के लिए भेजा गया है। धागे में माइक्रोन आदि की टेस्टिंग रिपोर्ट आते ही कारखाने में कंबल निर्माण शुरू होगा।