बिजनौर। तमाम युवा अपनी जिंदगी संवारने के लिए जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। दरअसल कुछ मिनटों के लिए शरीर की स्टेमिना बढ़ाने के लिए स्टेराॅयड का प्रयोग कर रहे हैं। स्टेडियम में मिल रही सिरिंज भी इसकी तस्दीक कर रही है सेहत के साथ खिलवाड़ का यह चलन सिर्फ स्टेडियम ही नहीं बल्कि गांव देहात तक पहुंच गया है।
युवा अपना कॅरिअर बनाने के लिए खूब मेहनत कर रहे हैं। इसके कुछ युवा शारीरिक परीक्षा पास करने के लिए शॉर्टकट अपना रहे हैं। जो उनके बेहतर जीवन के लिए सही नहीं है। नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम के बॉथरूम में रखी बाल्टी में काफी संख्या में सिरिंज पड़ी मिली हैं। बताया जा रहा है कि स्टेडियम में दौड़ने आ रहे तमाम युवा सिरिंज के जरिए स्टेरॉयड लगाकर दौड़ रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि स्टेरॉयड के सेवन से कुछ देर के लिए शरीर की कार्य क्षमता में वृद्धि हो जाती है। दौड़ते समय एक तो दिल की धड़कन सामान्य से ज्यादा होती है। उधर, स्टेरॉयड के सेवन से हृदय की गति बढ़ जाती है। जिसकी वजह से हार्टअटैक आने की अधिक संभावना है।
स्टेडियम में लगातार मिल रहीं सिरिंज
स्टेडियम में खिलाड़ियों के अलावा बाहरी युवक भी दौड़ लगाने आते हैं। स्टेडियम में आए दिन सिरिंज पड़ी हुई दिखाई देती हैं। पहले भी इंजेक्शन और सिरिंज पकड़े गए थे। स्टेडियम में प्रवेश के दौरान सभी की चेकिंग करने के निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन, इन आदेशों का कुछ दिन तक ही पालन हुआ।
स्टेडियम में तैयारी कर रहे दो खिलाड़ियों की पहले बिगड़ गई थी तबीयत
एक खिलाड़ी ने बताया कि स्टेडियम में तैयारी कर रहे कुछ समय से दो खिलाड़ी स्टेरॉयड का सेेवन कर रहे थे। जिसके चलते उनकी किडनी, मानसिक स्थिति पर प्रभाव पड़ने लगा था। काफी दिन मेरठ में इलाज कराने के बाद उनकी तबीयत में सुधार हुआ।
कार्य क्षमता बढ़ाने को इन प्राकृतिक चीजों का करें सेवन
-युवा रोजाना दूध का सेवन करें
-सही मात्रा में देसी घी खाएं
-खिले चने, ड्राइफ्रूट का सेवन करें
-मूंग और काले चने रात को भिगोकर सुबह खाएं
स्टेरॉयड लेने पर खराब हो सकता है खिलाड़ियों का कॅरिअर : चंद्रशेखर
एथलेटिक्स के वरिष्ठ खिलाड़ी चंद्रशेखर ने बताया कि स्टेराॅयड लेने शरीर के लिए नुकसान दायक है। इससे खिलाड़ी मानसिक संतुलन खो रहे हैं। प्रतियोगिता में डोपिंग के दौरान पकड़े जाने पर कॅरिअर भी प्रभावित हो सकता है। टीम खेलने पर कई सालों का बैन लगाती है।
स्टेरॉयड लेने पर पकड़ सकती है नाडा टीम : ऋषभ राठी
एथलेटिक्स खिलाड़ी ऋषभ राठी का कहना है कि के दौरान स्टेरॉयड का टेस्ट नहीं होता है। खिलाड़ियों को नाडा (राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी) टीम पकड़ सकती है। भर्ती की तैयारी कर रहे युवक गलत कोच के मार्गदर्शन में आकर शारीरिक रूप से परेशान होते हैं।
प्राकृतिक डाइट लें युवा : पूजा
एथलेटिक्स कोच पूजा ने बताया कि स्टेरॉयड लेना गलत है। प्राकृतिक डाइट लेने से नींव मजबूत होती है। स्टेरॉयड शरीर को खोखला कर देता है। इसलिए, युवा शॉर्टकट के चक्कर में जीवन बर्बाद न करें।
स्टेडियम में खिलाड़ियों को स्टेरॉयड नहीं लेने की सलाह दी जा रही है। स्टेडियम में कुछ युवा इंजेक्शन के साथ पकड़े गए थे। उनके आने पर पाबंदी लगा दी गई हैं। पकड़े जाने पर कार्रवाई करेंगे।
राजकुमार, जिला क्रीड़ाधिकारी, बिजनौर
स्टेरॉयड, प्रोटीन सप्लीमेंट, क्रिएटिन दवाइयाें के सेवन से किडनी में दिक्कत, नींद की कमी, मानसिक रूप से परेशानी बढ़ सकती है। युवाओं के लिए यह खतरनाक है। इसलिए स्टेरॉयड लेने के स्थान पर प्राकृतिक चीजों का सेवन करें।
डॉ. विक्की सिंह, फिजीशियन, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर