नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में बवाल कराने के लिए पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) ने बिजनौर में भी पैसा भेजा था।चांदपुर निवासी व्यक्ति के खाते में मोटी रकम आने की पुलिस की जांच में पुष्टि हुई है। पुलिस ने 15 संदिग्ध खातों को खंगाला है, जिनकी जांच चल रही है। कई लोगों को पुलिस ने पूछताछ के लिए उठा भी रखा है।
20 दिसंबर 2019 को सीएए के विरोध में जिले में जमकर बवाल हुआ था। नहटौर में बवाल के दौरान गोली लगने से दो युवकों की मौत हुई थी। पुलिस के तीन वाहन जला दिए गए थे। कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। बिजनौर, नगीना, नहटौर, नजीबाबाद में खूब बवाल हुआ था। जिले में 30 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए थे और 146 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
अब यह बात सामने आई है कि सीएए को ढाल बनाकर जिले में बवाल कराने की बड़ी साजिश रची गई थी। पुलिस ने 15 खाते खंगाले हैं। इनमें कई खाते पुलिस को संदिग्ध लगे। चांदपुर के एक बैंक खाते में कई लाख रुपये डाले गए। पुलिस तमाम खातों को खंगालने में जुटी है। जिस व्यक्ति के खाते में पैसा आया है उसका नाम और पता भी पुलिस को मिल चुका है। पुलिस ने तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक साजिश के तहत दंगा कराने के लिए यह पैसा भेजा गया था।
एसपी संजीव त्यागी ने बताया कि करीब 15 खाते खंगाले गए हैं। इनमें कई खाते संदिग्ध मिले हैं। अभी केवल एक खाते में बाहर से रकम आने की जानकारी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। चांदपुर निवासी व्यक्ति के जिस खातों में रकम आई है, वह करोड़ों में नहीं बल्कि लाखों में है। कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
मेरठ में भी चल रही है जांच
सीएए के विरोध में हुए उपद्रव में पीएफआई की फंडिंग को लेकर मेरठ में भी जांच चल रही है। मेरठ में 12 खातों में फंडिंग की गई थी। अब बिजनौर से भी फंडिंग को लेकर जांच शुरू हो गई है।