नहटौर। तब्लीगी जमात मरकज देहली के रहनुमा मौलाना शरीफु ल हसन बाराबंकी की दुआ के साथ नहटौर में आयोजित तीन दिवसीय इज्तमा संपन्न हो गया।
इस मौके पर कौम और मिल्लत की खुशहाली, आपसी भाईचारे की दुआ कराई गई। दुआ में बड़ी संख्या में मुसलमानों ने शिरकत की।
बृहस्पतिवार की रात इज्तमा को संबोधित करते हुए मौलाना शरीफुल हसन ने कहा कि आपसी भाईचारा और प्रेम भारत की मिसाल हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह सारी दुनिया आपके हक का कुछ नहीं बिगाड़ सकती। शर्त यह हैं कि आप सच्चे अर्थों में अल्लाह के बंदे बन जाओ।
हमारी समस्याओं की वजह यह हैं कि हमने ईमान और अल्लाह की दावत को छोड़कर मखलूक की इबादत कबूल की हैं। जिसका आज यह नतीजा हैं कि ना छोटे मुल्क को सुकून हैं ना बड़े मुल्क को। न गरीब को चैन हैं और न ही अमीर को। ना पढ़े लिखें को शांति हैं ना ही जाहिल को। बताया कि नमाज पढ़ना फर्ज हैं।
नमाज के बिना कोई इस्लाम नहीं। कोई मुसलमान नहीं है। सुन्नतें ए रसूल की नाफरमानी करने वाले लोग जेहन्नुम में जाएंगे। उन्होंने हरामकारी से बचने की अपील की।
शुक्रवार की सुबह को मौलाना शरीफुल हसन ने कौम और मिल्लत की खुशहाली, भाईचारे की दुआ कराई। इसके बाद इज्तमा का संपन्न हो गया। दुआ में शामिल होने के लिए कई जनपदों के लोग इज्तमा में पहुंचे।