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धान की फसल बेचना किसानों के लिए बनी भारी समस्या

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कम रेट पर बेचना पड़ रहा धान
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कालागढ़। क्रय केंद्रों की संख्या कम होने से किसानों के सामने धान बेचना एक बड़ी समस्या बन गई है। व्यापारी खेतों में ही जाकर औने पौने दाम पर धान खरीद रहे हैं।
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इस्लामनगर पंचायत के किसानों के सामने धान की फसल बेचना परेशानी का सबब बन रहा है। धान की फसल खेतों में ही पड़ी है। आसपास के क्षेत्रों के व्यापारी खेतों पर पहुंच कर धान को मनमाने दाम पर खरीद रहे हैं। धान का समर्थन मूल्य 1868 रुपये होने के बावजूद किसानों की फसल का मूल्य व्यापारी 1200 से 1500 रुपये तक दे रहे हैं। प्रधान पति विनोद काला, जितेंद्र कुमार, परवीन कुमार, शान सिंह आदि का कहना है कि क्रय केंद्रों पर बिक्री के लिए जाना एक बड़ी टेढ़ी खीर है। कल्लूवाला, तुरतपुर व कादराबाद क्रय केन्द्रों तक जाने में समस्या है, वहां जाने के बाद तोल का नंबर आने से पूर्व ही तौल बंद हो जाती है। क्रय केन्द्रों की अपनी एक क्षमता है। मजबूरी में कम मूल्य पर ही फसल बेची जा रही है। खेतों की सीमा कार्बेट टाइगर रिजर्व के वनों व कालागढ़ से सटी होने के कारण यहां जंगली जानवर आते हैं। खेत में पड़ी धान की फसल की सुरक्षा भी कठिन समस्या है। उधर ग्राम प्रधान राखी काला काला का कहना है कि इस्लामनगर पंचायत में एक भी धान क्रय केन्द्र नहीं बना है। जिससे किसानों के सामने समस्या आ रही है। खाद्य विपणन अ धिकारी भूपेन्द्र सिंह का कहना है कि तौल केन्द्रों पर तौल चल रही है। विभागीय नियमों के आधार पर आठ किमी की परिधि में ही धान क्रय केन्द्र बनाए गए हैं। किसानों को कल्लूवाला, तुरतपुर व कादराबाद आकर अपना धान क्रय केन्द्रों पर बेचना चाहिए।
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