नगीना में बनेगी पीएसी की बटालियन
बिजनौर। पीएसी की बटालियन नगीना की कताई मिल की जमीन में बनेगी। प्रशासन ने नगीना कताई मिल की जमीन का प्रस्ताव शासन को भेजा है। बटालियन के लिए ये जमीन सर्किल रेट पर खरीदी जाएगी। कई जमीन बटालियन के लिए चिह्नित की गईं, लेकिन उन पर मुहर नहीं लग सकी। अब इस जमीन पर बटालियन बनाने के लिए अधिकारी शासन की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।
बिजनौर में पीएसी की एक बटालियन बननी है। पिछले एक साल से ज्यादा समय से इसकी कवायद चल रही है। प्रशासन बटालियन के लिए जमीन खोजने में जुटा है, लेकिन जमीन नहीं मिल पा रही है। कई जमीन चिह्नित की गईं, लेकिन ये जमीन बटालियन के लिए उपयुक्त नहीं लगी। पीएसी बटालियन के लिए 70 से 80 एकड़ जमीन की जरूरत है। प्रशासन ने पहले बढ़ापुर क्षेत्र में बटालिया के लिए जमीन की तलाश की, लेकिन इस जमीन को नकार दिया गया। प्रशासन ने नांगल क्षेत्र में गंगा के किनारे जमीन तलाश की, मंडावली क्षेत्र के भागूवाला में जमीन चिह्नित की गई। इस जमीन का पिछले दिनों आईजी पीएसी पश्चिमी जोन मुरादाबाद अमित चंद्रा ने निरीक्षण किया था। जिसमें पाया गया कि भागूवाला के पास की जमीन समतल नहीं है और इसके पास में नाला है। यहां बटालियन नहीं बन सकती।
नांगल क्षेत्र में गंगा की जमीन वन विभाग की और खादर क्षेत्र की जमीन है। यहां कभी भी पानी आ सकता है। इन जमीन में भी बटालियन बनाने से मना कर दिया गया। इसके बाद नई जमीन तलाश की गई। नगीना की कताई मिल पिछले कई सालों से बंद है। प्रशासन ने कताई मिल की जमीन बटालियन के लिए चिह्नित की है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा है। कताई मिल की 53 बीघा जमीन है, इस जमीन को सर्किल रेट पर खरीदने की अधिकारी बात कर रह हैं। शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने का इंतजार हैं। इसके बाद बटालियन बनाने की अगली प्रक्रिया शुरू होगी।
जिला मुख्यालय के पास भी देखी जा रही जमीन
आईजी पश्चिमी जोन मुरादाबाद अमित चंद्रा के मुताबिक बिजनौर में पीएसी की बटालियन बननी है। नांगल में गंगा क्षेत्र व भागूवाला की जमीन को देखने वे गए थे। दोनों जगह जमीन बटालियन के लिए ठीक नहीं हैं। एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह के मुताबिक बटालियन के लिए नगीना कताई मिल की जमीन को चिह्नित करके इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन के जवाब का इंतजार है। वहीं, प्रशासन चाहता है कि पीएसी की बटालियन जिला मुख्यालय के आसपास बने। ताकि जरूरत पड़ने पर उसका फायदा उठाया जा सके। पर जिला मुख्यालय के आसपास कोई जमीन नहीं मिल रही। तब जाकर जमीन नगीना क्षेत्र में देखी गई है। अभी भी जिला मुख्यालय के आसपास जमीन ढूंढी जा रही है।