करंट से किसान की मौत पर पांच लाख की क्षतिपूर्ति के आदेश
बिजनौर। स्थायी लोक अदालत ने करंट लगने से हुई किसान की मौत के मामले में विद्युत निगम को मृतक की पत्नी व उसके बच्चों को पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति धनराशि अदा करने के आदेश दिए हैं।
चांदपुर के गांव नरगदी नवादा निवासी शीला देवी ने अपनी व अपने बच्चों की ओर से स्थायी लोक अदालत में दाखिल याचिका में कहा था कि 15 अगस्त 2019 को उसका पति जगदीश शाम के करीब चार बजे घर से जंगल चारा लेने गया था। नरदेव के खेत से जा रही विद्युत लाइन के तार टूटे हुए थे, जिसकी चपेट में आ जाने के कारण जगदीश की मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में कई बार कहे जाने के बाद भी विद्युत विभाग ने कोई धनराशि उसे अदा नहीं की। शीला देवी का कहना था कि उसके पति जगदीश की मौत विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण हुई है।
इस मामले में विद्युत निगम का कहना है कि डबल पोल पर डिस्क इंसुलेटर किसी पक्षी के टकराने के कारण बर्स्ट हो गया, जिससे एक फेज का तार टूटकर नरदेव के खेत में गिर गया और जगदीश की असावधानी के कारण ही उसे करंट लगा। इसमें विद्युत विभाग की कोई लापरवाही नहीं है। इस मामले में स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष एससी राणा व सदस्य राजीव कुमार द्वारा दिए अपने निर्णय में कहा गया कि जगदीश की मौत विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण करंट लगने से हुई है। स्थायी लोक अदालत में जगदीश की मौत पर पांच लाख की क्षतिपूर्ति धनराशि डेढ़ माह के अंदर शीला देवी व उसके बच्चों मंजीत, अंकित, सोमन व टिंकू को अदा करने के आदेश दिए हैं।