स्वयं सर्वे घोषणा पत्र ऑनलाइन करने का विरोध
धामपुर। तहसील क्षेत्र की चीनी मिलों का गन्ना पेराई सत्र संपन्न होने के साथ ही अब गन्ना सर्वे कार्य शुरू हो गया है। गन्ना विभाग के अधिकारियों द्वारा गन्ना किसानों को स्वयं गन्ना सर्वे का घोषणा पत्र ऑनलाइन किए जाने का सुझाव दिया जा रहा है। जिसका क्षेत्र के किसानों ने प्रबल विरोध करने शुरू कर दिया है। किसानों का कहना है कि वह अपने गन्ने को मिल को बेचते हैं । यदि गन्ना विभाग को गन्ना सर्वे के सत्यापन के दौरान किसानों से स्वयं घोषणा पत्र ऑन लाइन कराना है तो इस प्रकिया को बंद कर दें। वे इस बार घोषणा पत्रों को स्वयं ऑनलाइन नहीं करेंगे।
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गजेंद्र सिंह ने बताया कि गन्ना विभाग के नित नए फरमान किसानों को परेशान करने वाले हैं। गन्ना विभाग हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी 14 दिन के भीतर भुगतान दिलाने में फेल हो रहा है। दूसरे नए-नए प्रस्ताव लाकर किसानों को परेशान करने का प्रयास कर रहा है। गन्ना समिति व विभाग के अधिकारियों का काम है कि वह गांव में जाकर किसानों के खेत पर पहुंचकर गन्ने का सर्वे करे। वहीं पर किसानों से घोषणा पत्र लेकर उसे ऑनलाइन कराएं।
ब्लाक अध्यक्ष दुष्यंत राणा, गिरधारी, विवेक कुमार, दिनेश कुमार, हरिराज सिंह का कहना है कि किसान स्वयं घोषणा पत्र ऑनलाइन नहीं करेंगे। उधर एससीडीआई अमित कुमार पांडेय का कहना है कि वह गन्ना विभाग के अधिकारियों के आदेश पर सर्वे की प्रक्रिया को पूरा कराने का प्रयास कर रहे हैं। किसानों को इसका विरोध न कर सकारात्मक सहयोग करना चाहिए।