जून तक तैयार हो जाएगी कोतवाली मार्ग की एक लेन
बिजनौर। अगर इसी गति से काम चलता रहा तो जून माह तक हाईवे की एक लेन बनकर तैयार हो जाएगी। बिजनौर-कोतवाली मार्ग में करीब पांच किलोमीटर की दूरी तक एक लेन पर मिट्टी और पत्थर डालकर तैयार किया जा चुका है। जिस पर सड़क बनाई जानी बाकी रह गई है। एक लेन तैयार कर ट्रैफिक के लिए खोल दिय जाएगा। जिससे दूसरी लेन पर निर्माण किया जा सके। इसके शुरू होने से इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को राहत मिलेगी।
बिजनौर से कोतवाली तक मार्ग को नेशनल हाईवे में तब्दील किया जा रहा है। यह मार्ग पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे का हिस्सा है। सड़क बनाने के लिए तेजी से काम चल रहा है। लगभग पूरी सड़क पर मिट्टी डालकर नए तरीके से मार्ग बनाया जा रहा है। चार से पांच किलोमीटर के हिस्से में एक लेन पर मिट्टी और पत्थर डालने का काम पूरा किया जा चुका है। जिस पर सड़क बनना बाकी रह गया है। निर्माण करने वाली कंपनी की मंशा है कि लगभग पांच मीटर चौड़ी एक लेन बनाकर पूरी तरह से तैयार कर दी जाएगी। जिसे वाहनों के लिए खोलकर इसके बाद दूसरी लेन को बनाने काम आसानी से होगा।
फिलहाल सड़क पर चलना दूभर
जिले में इन दिनों बिजनौर-कोतवाली मार्ग सबसे खराब हालत में है, वजह है मार्ग का निर्माण होना। वीकेआईटी कॉलेज से लेकर कोतवाली तक सड़क पर धूल के गुब्बार में सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। क्योंकि सड़क बनाने की वजह से तमाम जगह सर्विस मार्ग बनाए गए हैं। जिन पर मिट्टी के साथ बजरी डाली गई है। सड़क पर वाहनों की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा भी नहीं पकड़ पाती है। आधे घंटे का सफर सवा घंटे में पूरा हो रहा है।
रास्ता बदलकर सफर कर रहे लोग
कोतवाली से बिजनौर आने जाने के लिए लोग रास्ता बदलकर सफर कर रहे हैं। बरुकी के आसपास के लोग नहर पटरी होते हुए झालू जाते हैं, फिर झालू से बिजनौर आते हैं। इसी तरह शादीपुर के आसपास के लोग किरतपुर होते हुए बिजनौर आना पसंद कर रहे हैं। वहीं, नगीना से अकबराबाद होते हुए किरतपुर से निकलकर बिजनौर भी लोग आ जा रहे हैं। निजी वाहन वाले ही रास्ता बदल रहे हैं। हालांकि बस और दूसरे सार्वजनिक वाहनों से यात्रा करने वालों लोगों की इस सड़क से होकर निकलना मजबूरी है। बस में सफर करते हुए भी धूल आती है।
बस कुछ महीनों की है दिक्कत
सड़क को नेशनल हाईवे के अनुस्प बनाने में करीब एक साल का समय लग सकता है। सभी पुल और अंडरपास बन जाने तथा सड़क निर्माण के बाद यह सड़क जिले में अन्य सड़कों से बेहतर हो जाएगी। हालांकि अभी कुछ महीनों की दिक्कत लोग झेलने को मजबूर हैं। पीली चौकी पर अंडरपास बनकर लगभग तैयार हो चुका है। जिसका संपर्क मार्ग बनना बाकी रह गया है। बरुकी में बनाया जा रहा अंडरपास स्लैब के स्तर तक पहुंच गया है। इस महीने ये दोनों अंडरपास बना लिए जाएंगे। इसके बाद महेश्वरी जट और वीकेआईटी के पास अंडरपास के लिए अगले महीने काम शुरू होगा।
पुल और अंडरपास बनाए जाने के साथ-साथ सड़क की एक लेन को तैयार करने के लिए तेजी से काम चल रहा है। जून में एक लेन पूरी तरह से तैयार कर ली जाएगी। जिसे यातायात के खोल दिया जाएगा और दूसरी लेन पर कार्य शुरू होगा
- सतेंद्र पांडेय, प्रोजेक्ट मैनेजर