अब सर्विलांस से जोड़े जाएंगे टीकाकरण से छूटे बच्चे
बिजनौर। कोरोना महामारी के कारण टीकाकरण से छूटे बच्चों को सर्विलांस के जरिये जोड़ा जाएगा। अफसरों की मानें तो कोरोना काल में लगभग 4500 बच्चे टीकाकरण से छूट गए थे। अब इन सभी को ट्रेस कर प्रतिरक्षित किया जाएगा और इनकी दोबारा से काउंसलिंग कराई जाएगी, जिससे दस जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सके।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के यूनिवर्सल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम (यूआईपी) के तहत महिला और बच्चों की दस जानलेवा बीमारियों से रक्षा की जाती है। इनमें डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, पोलियो, खसरा, रुबेला, बच्चों का टीबी, रोटा वायरस, डायरिया, हेपेटाइटिस बी, मेनिनजाइटिस, हीमोफिलिक इंफ्लूएंजा, न्यूमोकॉकल और जैपनीज इंसेफालाइटिस हैं। अफसरों के अनुसार सरकार की ओर से तय किये गए टीकाकरण को पूरा करने के लिए सरकार दो चरणों में इंटेंसिफाइड मिशन इंद्रधनुष (आईएमआई) शुरु कराती है। इसका प्रत्येक चरण 15 दिन के लिए होता है। इसका निर्धारण मुख्यालय से ही होता है। इस दौरान बच्चों का टीकाकरण किया जाता है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. अशोक कुमार ने बताया कि वैसे तो इस बार कोरोना काल में भी बच्चों का टीकाकरण जारी रहा, लेकिन ज्यादातर स्टाफ की कोविड में ड्यूटी लगी होने के कारण लक्ष्य के सापेक्ष कम ही हो पाया। शासन की ओर से हर महीने टीकाकरण के लिए नौ हजार बच्चों को लक्ष्य दिया जाता है। इसके सापेक्ष इस बार अप्रैल, मई और जून में लगभग 22 हजार के सापेक्ष करीब 17 हजार 500 बच्चे ही प्रतिरक्षित हो पाए थे। टीकाकरण से छूटे शेष बचे लगभग 4500 बच्चों की काउंसलिंग कराकर उन्हें भी प्रतिरक्षित किया जाएगा।
ई-विन एप से होगी टीकाकरण की मॉनिटरिंग
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. अशोक कुमार के अनुसार इलेक्ट्रानिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (ईविन) प्लेटफॉर्म के जरिए जिले भर की सूचना एकत्र की जाएगी, जिसमें वैक्सीन संरक्षण के अलावा वैक्सीन की उपलब्धता का भी पता लगाया जा सकेगा।