अब फिर 11 अंकों के कृषक कोड से होगी गन्ना तौल
धामपुर। गन्ना विभाग की ओर से ईआरपी सिस्टम के तहत गन्ना किसानों के संशोधित 14 अंकों के नए कृषक कोडों को निरस्त कर फिर पुराने 11 अंकों के कृषक कोडों को बहाल कर दिया गया है। गन्ना विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसान चीनी मिलों में पुरानी व्यवस्था के तहत पुराने कृषक कोडों से ही गन्ना पर्ची की तौल करा सकते हैं। नई व्यवस्था आगामी गन्ना सीजन में लागू की जाएगी।
गौरतलब है कि अमर उजाला ने चार जनवरी के अंक में किसानों की इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। गन्ने के बीच सीजन में लागू नई व्यवस्था का किसानों और चीनी मिल दोनों ने विरोध किया था। भाकियू के तहसील अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह, दुष्यंत सिंह, अतुल कुमार, पंकज कुमार का कहना था कि बीच सत्र में गन्ना विभाग की ओर से ईआरपी सिस्टम लागू नहीं करना चाहिए था। इस सिस्टम के लागू होने के बाद किसानों के 11 अंकों वाले पुराने सभी कृषक कोड खत्म हो गए थे और 14 अंकों के नए कोड से किसानों के मोबाइल पर गन्ने की पर्ची तौल कराने को मैसेज आने शुरू हो गए थे। इसके विरोध में किसानों ने कई बार गन्ना समिति में हंगामा किया था।
गन्ना समिति के सचिव मनोज कुमार ने बताया कि गन्ना विभाग के अधिकारियों ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए नई व्यवस्था को शुक्रवार से खत्म कर दिया और पुरानी व्यवस्था से ही तौल कराने का आदेश जारी कर दिया है। अब किसान पुराने कृषक कोड से ही गन्ने की तौल करा सकते हैं। बकौल सचिव, यदि किसान किसी कारणवश गन्ना पर्ची को समय से नहीं तुलवा पाता है तो उसे परेेेशान होने की जरूरत नहीं है। सात-आठ दिन के भीतर गन्ना समिति की ओर से संबंधित किसान के मोबाइल पर गन्ना तौल कराने के लिए उसी गन्ना पर्ची का मैसेज चला जाएगा।